जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के 4 ट्रेनी असिस्टेंट इंजीनियरों ने हाल ही में 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन के मेंटेनेंस का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जबलपुर स्थित ट्रांसमिशन लाइन पर फ्लैशओवर से खराब हुए डिस्क इंसुलेटर को बदलने के लिए लिए गए शटडाउन के दौरान यह ट्रेनिंग दी गई। पूरे मध्यप्रदेश में कंपनी के विभिन्न फील्ड कार्यालयों द्वारा प्रशिक्षु इंजीनियरों को छोटे समूहों में बांटकर यह विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भोपाल के कार्यपालन अभियंता रवि चौरसिया और सहायक अभियंता अंकित महरौलिया के मार्गदर्शन में प्रशिक्षुओं ने शटडाउन लेने की पूरी प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों, वर्क परमिट व्यवस्था, लाइन आइसोलेशन और मेंटेनेंस टूल्स की बारीकियों को बारीकी से समझा है। इस अनुभव से उन्हें बिजली तंत्र के रखरखाव की चुनौतीपूर्ण कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष ज्ञान मिला है।
बिजली तंत्र सुधारने के लिए मिली फील्ड ट्रेनिंग
इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रशिक्षु इंजीनियरों ने डिस्क इंसुलेटर को बदलने की जटिल प्रक्रिया को न केवल करीब से देखा, बल्कि उसमें तकनीकी बारीकियों को भी समझा। फील्ड में काम करने के दौरान किन सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है और हाई टेंशन लाइनों पर काम करते समय किन उपकरणों का उपयोग कैसे किया जाता है, इसका सीधा अनुभव इन युवाओं को प्राप्त हुआ। रवि चौरसिया और अंकित महरौलिया ने स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर शटडाउन प्रबंधन और कार्यस्थल की सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल कागजी ज्ञान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे वास्तविक कार्य परिस्थितियों में अंजाम दिया गया। ऐसी व्यावहारिक शिक्षा से भविष्य के इंजीनियरों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
सुरक्षा मानकों के साथ पूरी हुई तकनीकी प्रक्रिया
ट्रांसमिशन लाइन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में काम करना जोखिम भरा होता है, इसलिए यहां हर कदम पर सावधानी बरतना जरूरी है। प्रशिक्षुओं को सिखाया गया कि कैसे लाइन को सुरक्षित रूप से आइसोलेट किया जाता है ताकि कार्य के दौरान कोई दुर्घटना न हो। वर्क परमिट लेने की प्रक्रिया से लेकर कार्य पूरा होने तक के हर चरण को बहुत ही व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। अधिकारियों का मानना है कि किताबी ज्ञान अपनी जगह है, लेकिन फील्ड पर काम करने का अनुभव ही एक इंजीनियर को सक्षम बनाता है। इस तरह के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम से एमपी ट्रांसको अपने अभियंताओं की दक्षता को लगातार बढ़ाने का प्रयास कर रहा है ताकि मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
