पुलिस के अनुसार कुठला कटनी निवासी नंदनी कोरी का विवाह 7 वर्ष पहले वीरेन्द्र कोरी निवासी अमखेरा से हुआ था विवाह के बाद से नंदनी का पति वीरेन्द्र एवं सास जयंती कोरी द्वारा नंदनी के साथ घरेलू विवाद कर मारपीट कर घर से मायके भगा देते थे। मायके में मां उर्मिला अपनी बेटी नंदनी को समझाइस देकर वापस ससुराल भेज देती थी। पिछले दिनों नंदनी का पति वीरेन्द्र से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। वह रात 11.45 बजे के लगभग अपनी बेटी के लिए दूध गर्म कर रही थी, इस दौरान सास जयंती किचन में आई और बहू नंदनी की साड़ी का पल्ला जलती हुई गैस के बर्नर पर रख दिया। पल्ले में लगी आग फै ल गई और नंदनी को अपनी चपेट में ले लिया। नंदनी की चीख पुकार सुनकर पति वीरेन्द्र पहुंचा लेकिन उसने नंदनी को बचाया नहीं, वहीं पर खड़ा रहा। शोर सुनकर ससुर मदन कोरी पहुंचे और आग बुझाई। पिता के आने के बाद पति ने पानी डाल दिया। सुबह पांच बजे के लगभग चाची सास पहुंची और नंदनी को उपचार के लिए संजीवनी अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डाक्टरों ने हालत को देखते हुए भरती कर लिया। इसके बाद महिला को राइट टाउन स्थित मोहनलाल हरगोविंददास अस्पताल में भरती कराया गया है। खबर मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची जहां पर नंदनी ने घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने मामले में सास व पति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
रात भर घर में रखकर दबाव बनाते रहे, सास के पक्ष में बयान देते हुए वीडियो बनाओ-
पुलिस को पूछताछ में नंदनी ने बताया कि रात को घटनाक्रम के बाद सुबह पांच बजे तक घर में रखकर पति वीरेन्द्र द्वारा दबाव बनाया जा रहा था कि सास के पक्ष में बयान देते हुए वीडियो बनाओ, नहीं तो जान से मार देगेे। इसके बाद नंदनी की चाची सास को खबर मिली तो वे पहुंच गई और अस्पताल पहुंचाया। नंदनी द्वारा बताया कि उसे जलाया गया है।
गैस के बर्नर पर रख दिया साड़ी का पल्ला-
पुलिस अधिकारी लिखित शिकायत जांच पर मोहनलाल हरगोविन्दास अस्पताल में श्रीमति नंदनी कोरी के कथन लिए गए। जिसने अपने कथन में बताया कि रात लगभग 11-45 बजे ससुराल में बच्ची के लिये गैस पर दूध गर्म कर रही थी उसी दौरान सास जयंती कोरी द्वारा साड़ी के पल्लू को जलती हुयी गैस बर्नर पर रख दिया था जिससे वह जल गयी थी उस दौरान पति वीरेन्द्र कोरी के द्वारा बचाव के कोई विशेष प्रयास नहीं किये गये और जली हालत में ही घर में रखा गया था।