जबलपुर। जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने के मामले में कृषि विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देशों के पालन में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कृषि केंद्रों के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उप संचालक कृषि उमेश कटहरे ने बताया कि मझगवां सिहोरा स्थित मेसर्स न्यू गोस्वामी कृषि केंद्र और कालादेही बरगी स्थित जानकी कृषि केंद्र पर अनियमितताएं पाई गईं। निरीक्षण के दौरान मेसर्स न्यू गोस्वामी कृषि केंद्र के संचालक राकेश गोस्वामी द्वारा बिना अनुमति के उर्वरक का अवैध व्यापार करना सामने आया। वहीं जानकी कृषि केंद्र के संचालक बलिराम चौकसे किसानों से मनमाना दाम वसूल रहे थे और वहां कोई मूल्य सूची भी प्रदर्शित नहीं थी। विभाग ने इन संचालकों पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की है।
खाद की अवैध बिक्री करने वालों पर कार्रवाई
अनुविभागीय कृषि अधिकारी मनीषा पटेल और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जयपाल सिंह राठौर ने मझगवां सिहोरा के केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। जांच में पाया गया कि राकेश गोस्वामी उर्वरक लाइसेंस की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे थे और अनधिकृत स्रोतों से खाद लाकर बेच रहे थे। यह कृत्य किसानों के हितों के विरुद्ध है और विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए मझगवां थाने में मामला दर्ज कराया है।
इसी तरह बरगी क्षेत्र में अनुविभागीय कृषि अधिकारी प्रतिभा गौर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रश्मि परसाई और उनकी टीम ने जानकी कृषि केंद्र पर छापेमारी की। वहां के किसान कृष्ण कुमार चढ़ार ने शिकायत की थी कि 09 जुलाई को उन्होंने 10 बोरी डीएपी 1600 रुपये प्रति बोरी के भाव से खरीदी। किसान प्रेम चंद कुर्मी ने भी बताया कि टोकन होने के बावजूद संचालक उनसे अधिक पैसे मांग रहा था। केंद्र पर मूल्य सूची न होना और निर्धारित शासकीय मूल्य से अधिक राशि वसूलना नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिसके चलते बरगी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
किसानों को तय मूल्य पर खाद मिलेगी अब
उप संचालक कृषि ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी विभाग इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रखेगा ताकि किसानों को परेशानी न हो। उन्होंने सभी किसानों को सलाह दी है कि खाद या कृषि सामग्री खरीदते समय हमेशा पक्का बिल मांगें और उसकी जांच करें। यदि कोई भी विक्रेता तय दर से अधिक पैसे मांगे, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय कृषि कार्यालय में दें। विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल के समय पर खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित कराना है।
