जबलपुर। बिजली विभाग की ओर से चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत शनिवार को जमतरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के निर्देशन में विभाग की टीम ने श्रीपाल डेरी पर छापा मारा। यहाँ श्री करण श्रीपाल पुत्र रामकुमार के परिसर में मीटर से छेड़छाड़ कर 24000 यूनिट बिजली चोरी पकड़ी गई। विभाग ने विद्युत अधिनियम की धारा 126 के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए उपभोक्ता को 1,92,856 रुपये का भारी-भरकम बिल थमाया है। इस सप्ताह शहर के पांचों संभागों में कुल 195 मामले बिजली चोरी के दर्ज किए गए। इनमें पूर्व संभाग में 78, पश्चिम में 24, उत्तर में 47, दक्षिण में 25 और विजय नगर संभाग में 21 मामले शामिल हैं। इन कार्रवाइयों में कुल 1.57 करोड़ रुपये की पेनल्टी और 10.69 लाख रुपये की कंपाउंडिंग राशि निर्धारित की गई है।
मीटर से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त एक्शन
शहर के विभिन्न इलाकों में बिजली की अनियमितताओं को रोकने के लिए विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिन क्षेत्रों में लाइन लॉसेस का आंकड़ा अधिक है वहाँ विशेष रूप से निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि बिजली का अवैध उपयोग करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। श्रीपाल डेरी का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। विभाग की टीमें लगातार सड़कों पर उतरकर मीटरों की जांच कर रही हैं ताकि सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान को रोका जा सके। यह अभियान न केवल रिकॉर्डेड बिजली खपत को सुनिश्चित करने के लिए है बल्कि अवैध तरीके से चल रहे भार को पकड़ने के लिए भी चलाया जा रहा है ताकि ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और आम उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सके।
जल्द शुरू होगा बकाया बिलों की वसूली अभियान
आने वाले सप्ताह से विभाग का फोकस केवल चोरी पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि बकाया बिजली बिलों की वसूली पर भी रहेगा। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि शहर में उन उपभोक्ताओं के खिलाफ विशेष अभियान शुरू होगा जिन्होंने लंबे समय से अपना बिल जमा नहीं किया है। उन सभी क्षेत्रों में विभाग की टीम घर-घर जाकर भुगतान न करने वालों पर कार्रवाई करेगी। अब तक की कार्रवाई में वसूला गया करोड़ों का जुर्माना यह दर्शाता है कि विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे समय पर अपना बिल जमा करें और बिजली का वैध कनेक्शन ही उपयोग करें ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही या भारी जुर्माने से बचा जा सके। विभाग की यह मुहिम शहर भर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
