नई दिल्ली. रेल कर्मचारियों के ड्यूटी के दौरान जोखिम और कठिन परिस्थितियों का वास्तविक आकलन किया जाएगा। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग ने रेलवे बोर्ड से सभी संवर्ग के कर्मचारियों के कार्यबल और उनके साथ होने वाले हादसों का पूरा विवरण मांगा है।
रेलवे बोर्ड के वेतन आयोग के प्रधान कार्यकारी निदेशक सुंदीप पाल की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जोखिम और कठिनाइयों के आकलन के आधार पर भत्तों और सुविधाओं को लेकर उचित सिफारिशें तैयार की जाएंगी। इसके लिए रेलवे ने कैलेंडर वर्ष 2024 और 2025 के दौरान ऑन-रोल कर्मचारियों की कुल संख्या, कर्तव्यों के दौरान हुई मृत्यु और गंभीर रूप से घायल हुए रेलकर्मियों की संख्या का विवरण एक निर्धारित प्रोफार्मा में मांगा है।
डाटा संकलन की प्रक्रिया को तेज और त्रुटिहीन बनाने के लिए एक विशेष फॉर्म भी तैयार किया गया है। सभी जोनल रेल महाप्रबंधकों को आगामी 17 जुलाई 2026 तक हर हाल में इस डाटा को ऑनलाइन फीड करने और उसके बाद अनुमोदित हार्ड कॉपी भेजने को कहा गया है।
