आगरा. उत्तर मध्य रेलवे के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर 12 जुलाई को डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चाहर और आरपीएफ जवानों के बीच हुई मारपीट का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में बड़े प्रशासनिक फेरबदल कर दिए गए हैं। इस मामले के बीच आरपीएफ कमांडेंट पी. राजमोहन का तबादला पूर्वोत्तर क्षेत्र में उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त (निर्माण) के पद पर कर दिया गया है। वहीं घटना के बाद निलंबित किए गए चारों आरपीएफ कर्मियों को भी अलग-अलग मंडलों में संबद्ध कर दिया गया है।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर 12 जुलाई को ट्रेन संचालन को लेकर हुए विवाद के बाद डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर और आरपीएफ जवानों के बीच कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई थी। आरोप है कि आरपीएफ कर्मियों ने नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने तक ले गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था। रेलवे प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे, जबकि चीफ कमांडेंट के निर्देश पर चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
पत्रकार वार्ता के बाद अगले दिन ही एक्शन
घटना के बाद 15 जुलाई को आरपीएफ की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में कमांडेंट पी. राजमोहन ने विभाग का पक्ष रखा था। उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान खड़े होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री को सैल्यूट किया था। इसी प्रेसवार्ता में उन्होंने दावा किया था कि आरपीएफ कर्मियों के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग रेल संचालन बाधित करने और रेल रोकने की साजिश कर रहे थे। उनके इस बयान के बाद मामला और चर्चा में आ गया था।
पूर्वोत्तर में हुए तबादला
रेलवे बोर्ड के निदेशक (रेलवे सुरक्षा बल) विनीत खरब की ओर से 16 जुलाई को जारी आदेश में कमांडेंट पी. राजमोहन का स्थानांतरण पूर्वोत्तर क्षेत्र में उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त (निर्माण) के पद पर कर दिया गया है। उनके तबादले को लेकर आरपीएफ महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि रेलवे की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा है।
आरोपियों को भी किया गया स्थानांतरित
वहीं, मारपीट प्रकरण में निलंबित चारों आरपीएफ कर्मियों का भी अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरण कर दिया गया है। एएसआई मेघराज मीणा को झांसी मंडल के ललितपुर पोस्ट, एचसीपी बदन सिंह को चित्रकूट कर्वी (झांसी मंडल), कांस्टेबल जितेंद्र सिंह को मानिकपुर (प्रयागराज मंडल) और कांस्टेबल बालकिशन मीणा को फतेहपुर (प्रयागराज मंडल) संबद्ध किया गया है।
