अवैध संचालन के खुलासे से मचा हड़कंप
जांच के दौरान सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने पाया कि अस्पताल बिना किसी योग्य डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ के चल रहा था। मौके पर कोई भी रेजिडेंट या विजिटिंग डॉक्टर मौजूद नहीं था और फोन करने पर भी कोई डॉक्टर वहां नहीं आया। अस्पताल के भीतर बिना मान्यता के पैथोलॉजी लैब और अवैध फार्मेसी चलाई जा रही थी। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि संस्थान के पास फायर एनओसी और भवन निर्माण की वैध अनुमति तक नहीं थी।
आठ मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजा
अस्पताल की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अंदर भर्ती मिले सभी आठ मरीजों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा गया। सीएमएचओ ने तुरंत मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. शर्मा से बात की। इसके बाद 108 एम्बुलेंस सेवा बुलाई गई और सभी आठों मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज के लिए तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
अस्पताल सील और लाइसेंस निरस्त
प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अस्पताल के खिलाफ पंचनामा तैयार किया और चिकित्सा विभाग को पूरी तरह सील कर दिया। अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने के लिए आधिकारिक नोटिस भी जारी कर दिया गया है। प्रबंधन को एक महीने का समय दिया गया है ताकि वे अपने सभी वैध दस्तावेज पेश कर सकें।