जबलपुर। पचपेढ़ी स्थित साइंस कॉलेज बस्ती निवासी प्रदीप कुमार की 3 माह की बेटी त्रिशा विश्वकर्मा को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और आयुष्मान भारत योजना के समन्वय से नया जीवन मिला है। मासूम के हृदय रोग से पीड़ित होने की सूचना डीईआईएम जबलपुर को मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. नवीन कोठारी से इलाज की अनुशंसा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशों पर आरबीएसके जिला नोडल अधिकारी डॉ. अमजद खान तथा जिला प्रबंधक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिजनों की सहमति से बच्ची को नारायणा हृदयालय मुम्बई महाराष्ट्र रैफर किया। वहां को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मासूम की सफल और पूरी तरह निःशुल्क सर्जरी संपन्न हुई।
परिवार के लिए अत्यंत कठिन था इतना खर्च
गंभीर दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम के परिजनों के लिए यह इलाज आर्थिक रूप से अत्यंत कठिन था। डी.ई.आई.एम. की रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले को प्राथमिकता पर लिया। जिला नोडल अधिकारी और आर.बी.एस.के. जबलपुर की टीम ने कागजी औपचारिकताएं पूरी करवाकर मासूम को नारायणा हृदयालय मुम्बई भेजा। वहां विशेषज्ञों की टीम ने जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। योजना के चलते पूरे इलाज के दौरान परिवार पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और समय पर मिले सही उपचार से मासूम अब पूरी तरह सुरक्षित है।
पीड़ित परिवार जताया आभार
सफल ऑपरेशन के पश्चात बच्ची के परिजनों ने मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन, जिला कलेक्टर जबलपुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एन.एच.एम., नोडल अधिकारी आर.बी.एस.के., डी.ई.आई.एम. जबलपुर, नारायणा हृदयालय मुम्बई की मेडिकल टीम तथा समस्त आर.बी.एस.के. टीम का धन्यवाद व्यक्त किया। परिजनों के अनुसार सरकारी योजनाओं के समय पर मिले सहयोग से ही उनकी बेटी को यह नया जीवन मिल सका है। स्थानीय स्तर से लेकर मुम्बई तक के सभी अधिकारियों और डॉक्टरों के प्रयास से मासूम अब स्वस्थ होकर अपने घर लौट रही है।
