नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ दायर याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। आज एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई।
जिसपर CJI श्री सूर्यकांत ने कहा कि हमें वीडियो देखने में कोई रुचि नहीं है। हमारे पास उन्हें देखने का वक्त नहीं है। जब वकील ने छात्रों के साथ मारपीट के वीडियो देखने का दूसरी बार अनुरोध किया तो CJI ने कहा, 'हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।गौरतलब है कि 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। इस टिप्पणी के बाद ही अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम से अकाउंट बनाया था। कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकाला था। इस दौरान हजारों प्रदर्शनकारी संसद की तरफ बढ़े थे, इन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसमें 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी और छात्रों को चोटें आई थीं। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा, 'छात्रों की ओर से महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जा रहे हैं। वे नीट परीक्षा सही तरीके से कराने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में सुधार जैसे मुद्दों की बात कर रहे हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट का भी तत्काल सुनवाई से इनकार-
बीते दिन भी ऐसा ही एक मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी पहुंचा था। तब दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसी तरह की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। कहा था कि कोर्ट को इसमें न घसीटें।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा- लाठीचार्ज की जांच हो-
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने निर्दोष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की है। एसोसिएशन ने कहा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। इस घटना की तुरंत, निष्पक्ष और समय से जांच होनी चाहिए। जिम्मेदार लोगों की पहचान और उन पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
CJI के बयान से बनी कॉकरोच जनता पार्टी-
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में सीजेआई सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई थी। इसे सोशल मीडिया पर बनाया गया। देखते ही देखते लाखों फॉलोअर्स बढ़ गए।