जबलपुर। शासकीय मॉडल स्कूल में नशा मुक्ति अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लोक शिक्षण जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक घनश्याम सोनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यालय परिसर में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशे के घातक परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री सोनी ने उपस्थित सभी लोगों को समाज को नशा मुक्त बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई। इस मौके पर स्कूल के प्राचार्य संजय परिहार, जिला खेल अधिकारी श्रीमती मधुमिता हाजरा और विधि प्रभारी कृष्णकांत शर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में नशा मुक्ति विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान केसी चौबे सहित सभी शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।
विद्यार्थियों के कंधों पर नशा मुक्त भारत की जिम्मेदारी
संयुक्त संचालक श्री सोनी ने कहा कि शासकीय मॉडल स्कूल को तंबाकू मुक्त परिसर बनाकर एक मिसाल पेश की गई है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कारित जीवन जीने की प्रेरणा दी। श्री सोनी ने स्पष्ट किया कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और शराब जैसी घातक चीजों से खुद को पूरी तरह दूर रखें। उन्होंने बच्चों को समझाया कि जो विद्यार्थी कम उम्र में ही इन चीजों के संपर्क में आते हैं, उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार ही युवा पीढ़ी के सबसे बड़े हथियार हैं।
स्वस्थ जीवन के लिए अपनाएं सकारात्मक रचनात्मक मार्ग
श्री सोनी ने विद्यार्थियों को तनाव और मानसिक दबाव से बचने के आसान तरीके बताए। उन्होंने कहा कि यदि छात्र नियमित रूप से खेलकूद, योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, तो उन्हें नशे की लत की ओर जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। सकारात्मक सोच और रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रहना ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लें और अपने घर व मोहल्ले में भी जागरूकता का संदेश फैलाएं। प्रशासन का यह अभियान तभी सफल हो सकता है जब विद्यार्थी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं। अंत में सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प लिया।

