जबलपुर. पमरे के जबलपुर स्टेशन पर रेल प्रशासन ने शुक्रवार को किलाबंदी जांच अभियान चलाया। इस दौरान दर्जनों टिकट जांच कर्मियों, आरपीएफ, जीआरपी द्वारा स्टेशन के सभी प्रवेश द्वारों की घेराबंदी की गई और ट्रेनों व प्लेटफार्मों पर सघन जांच अभियान चलाया. इस कार्रवाई से बिना टिकट व अनियमित टिकट यात्रियों में हड़कम्प मचा रहा.
मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा के कुशल मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डा. मधुर वर्मा के नेतृत्व में चलाए गए इस औचक अभियान के दौरान स्टेशन के सभी प्रवेश व निकास मार्गों को पूरी तरह सील कर प्रत्येक यात्री की कड़ाई से चेकिंग की गई। इस विशेष अभियान के तहत मुख्य टिकट निरीक्षकों, उडऩदस्ता दल, वाणिज्यिक अधिकारियों और आरपीएफ, जीआरपी की संयुक्त टीमों ने पूरे स्टेशन परिसर को अपनी निगरानी में ले लिया। इस दौरान स्टेशन के सभी फुट ओवर ब्रिज, प्लेटफॉर्म और निकास द्वारों पर भारी संख्या में टिकट जाँच स्टाफ तैनात रहा, जिससे बिना टिकट यात्रियों के भागने का कोई रास्ता नहीं बचा।
प्रत्येक यात्री की जाँच- स्टेशन पर आने और यहाँ से गुजरने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों के प्रत्येक कोच तथा प्लेटफॉर्म पर मौजूद हर एक व्यक्ति के टिकट, पास और प्लेटफॉर्म टिकट की भौतिक रूप से बारीकी से जाँच की गई।
अवैध सामान पर कार्रवाई- यात्रियों के पास उपलब्ध सामान की भी जाँच की गई, तथा निर्धारित सीमा से अधिक या बिना बुक कराए ले जाए जा रहे कमर्शियल सामान पर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया।
रेलवे अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई- रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रेलवे अधिनियम, 1989 की धाराओं के तहत बिना टिकट या अनियमित टिकट पर यात्रा करना एक दंडनीय अपराध है। अभियान के दौरान पकड़े गए डिफाल्टरों से मौके पर ही किराया और निर्धारित न्यूनतम 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए, इस बार मौके पर ही क्यूआर कोड के माध्यम से कैशलेस भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे यात्रियों को तुरंत डिजिटल रसीद प्राप्त हुई। जुर्माना न देने वाले कुछ यात्रियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की गई।
