जबलपुर। कछपुरा ब्रिज के पास पुरानी रंजिश को लेकर एक साले ने अपने जीजा पर चाकू से हमला किया। हमले में चाकू जीजा के पेट में फंसा रह गया। आरोपी जीजा के साथियों को देखकर वहां से भाग गया। पुलिस ने सूचना मिलने पर घायल को अस्पताल पहुंचाया और आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया हे। लार्डगंज की यादव कालोनी चौकी पुलिस ने बताया कि 23 जुलाई की रात कछपुरा ब्रिज के पास चौक पान टपरों के सामने एक व्यक्ति के घायल अवस्था में पड़ा होने की सूचना पर पहंुची पुलिस को संतोष ठाकुर निवासी कालीमठ घायल अवस्था में पड़ा मिला। उसे तत्काल उपचार हेतु विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया। संतोष ठाकुर ने पुलिस को बताया कि कछपुरा मालगोदाम में ड्रायवरी का काम करता है। गुरूवार रात लगभग 8-30 बजे वह रवि केवट की मोटर सायकल में रवि केवट के साथ तथा दूसरी मोटर सायकल में उसका भाई मुकेश ठाकुर, राजू राजपूत के साथ कछपुरा ब्रिज के पास सत्यम के पान टपरा के सामने पहुंचे। उसका भाई और रवि केवट गुटखा लेने टपरे में गये थे। वह मोटर सायकल में बैठा था। दूसरी मोटर सायकल में राजू राजपूत बैठा था। वहां पर कृष्णा और हर्ष बर्मन लोडिंग आटो में बैठे थे। तभी वहां पर उसका साला पियूष उर्फ चिंटू बेन आया। पुरानी रंजिश को लेकर उसे जान से मारने की नियत से उसके पेट में दाहिने तरफ चाकू मारकर चोट पहुंचा दी। चाकू उसके पेट में फंस गया। उसके साथियों को देखकर उसका साला पियूष बेन वहां से भाग गया था।
जबलपुर। कछपुरा ब्रिज के पास पुरानी रंजिश को लेकर एक साले ने अपने जीजा पर चाकू से हमला किया। हमले में चाकू जीजा के पेट में फंसा रह गया। आरोपी जीजा के साथियों को देखकर वहां से भाग गया। पुलिस ने सूचना मिलने पर घायल को अस्पताल पहुंचाया और आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया हे। लार्डगंज की यादव कालोनी चौकी पुलिस ने बताया कि 23 जुलाई की रात कछपुरा ब्रिज के पास चौक पान टपरों के सामने एक व्यक्ति के घायल अवस्था में पड़ा होने की सूचना पर पहंुची पुलिस को संतोष ठाकुर निवासी कालीमठ घायल अवस्था में पड़ा मिला। उसे तत्काल उपचार हेतु विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया। संतोष ठाकुर ने पुलिस को बताया कि कछपुरा मालगोदाम में ड्रायवरी का काम करता है। गुरूवार रात लगभग 8-30 बजे वह रवि केवट की मोटर सायकल में रवि केवट के साथ तथा दूसरी मोटर सायकल में उसका भाई मुकेश ठाकुर, राजू राजपूत के साथ कछपुरा ब्रिज के पास सत्यम के पान टपरा के सामने पहुंचे। उसका भाई और रवि केवट गुटखा लेने टपरे में गये थे। वह मोटर सायकल में बैठा था। दूसरी मोटर सायकल में राजू राजपूत बैठा था। वहां पर कृष्णा और हर्ष बर्मन लोडिंग आटो में बैठे थे। तभी वहां पर उसका साला पियूष उर्फ चिंटू बेन आया। पुरानी रंजिश को लेकर उसे जान से मारने की नियत से उसके पेट में दाहिने तरफ चाकू मारकर चोट पहुंचा दी। चाकू उसके पेट में फंस गया। उसके साथियों को देखकर उसका साला पियूष बेन वहां से भाग गया था।
