नई दिल्ली। रेलवे ने रेलयात्रा को और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। इसके तहत अब रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और गैंग के संचालन की जिम्मेदारी केवल अनुभवी और वरिष्ठ कर्मचारियों के हाथों में ही रहेगी।
रेलवे बोर्ड ने देशभर के विभिन्न रेल मंडलों में जूनियर कर्मचारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने वाली व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले से अब ट्रैक मेंटेनर श्रेणी के सबसे सीनियर और योग्य कर्मियों को ही गैंग मेट और कीमैन जैसे संवेदनशील पदों पर तैनात किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार अब सीनियर ट्रैक मेंटेनर-वन को गैंग मेट बनाया जाएगा जो पूरी टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि जूनियर ट्रैक मेंटेनर-वन को कीमैन का जिम्मा मिलेगा जिनका काम रोजाना पटरियों की पैदल जांच करना होता है।
15 जुलाई तक का समय
रेलवे प्रशासन ने पाया था कि कई जगहों पर नियमों की अनदेखी कर बेहद जूनियर स्तर के कर्मचारियों यानी ट्रैक मेंटेनर-थ्री और फोर को ये सीटें सौंप दी गई थीं, जिसे सुधारने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया गया है। यदि किसी गैंग में ट्रैक मेंटेनर-वन उपलब्ध नहीं होंगे, तो वहां सीनियर ट्रैक मेंटेनर-टू को कीमैन बनाया जाएगा।
