khabar abhi tak

जबलपुर से निकली साक्षरता की नई किरण, अब कोई नहीं रहेगा निरक्षर





जबलपुर। बरगी नगर में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय संकुल स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन हुआ। विकासखंड सह-समन्वयक अमृता कोरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में जबलपुर ग्रामीण के सभी जनशिक्षकों और अक्षर साथियों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य लक्ष्य वर्ष 2027 तक मध्यप्रदेश को पूर्ण साक्षर बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारना है। जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी अंजलि सेलेट, जिला सह-समन्वयक मनोज पांडे और बीआरसी केशव दुबे की मौजूदगी में प्रशिक्षण को गति दी गई। इस दौरान निरक्षरों की पहचान, डिजिटल पोर्टल पर डेटा एंट्री और साक्षरता अभियान की बारीकियों को विस्तार से समझाया गया। इसमें बैजनाथ यादव, विपिन विश्वकर्मा, शिखा सिंह, गीता सोनी, प्रफुल्ल बनाफर, सुनील मरकाम, राजा भैया चौकसे, बी.एल. चौकसे और दिनेश पटेल ने प्रशिक्षक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

साक्षरता अभियान को मिलेगी अब नई डिजिटल रफ्तार

​प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर विपिन विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया कि अब काम को तकनीक से जोड़ना अनिवार्य है। उन्होंने सभी अक्षर साथियों को बताया कि किस प्रकार से सर्वे कार्य को व्यवस्थित करना है और निरक्षर व्यक्तियों को चिन्हित कर पोर्टल पर उनका पंजीयन सुनिश्चित करना है। इस पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया ताकि जमीनी स्तर पर कोई भी पात्र व्यक्ति इस अभियान से वंचित न रहे। विनोद विश्वकर्मा, रत्नेश मिश्रा और संतोष मिश्रा जैसे अधिकारियों की उपस्थिति ने भी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। इस पहल से उम्मीद है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और 2027 का लक्ष्य समय से पूरा किया जा सकेगा।

गांवों के हर व्यक्ति को साक्षर बनाना लक्ष्य

​अभियान के अगले चरण में अब चिन्हित किए गए निरक्षरों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम तेजी से शुरू होगा। संकुल स्तर पर दी गई यह ट्रेनिंग अब घर-घर तक पहुंचेगी, जहाँ अक्षर साथी लोगों को साक्षर बनने के लिए प्रेरित करेंगे। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सामाजिक बदलाव का माध्यम है। प्रशिक्षण में शामिल सभी नोडल अधिकारियों ने संकल्प लिया है कि वे पूरी निष्ठा से इस कार्य को पूरा करेंगे। साक्षरता की इस लहर से न केवल व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि प्रदेश की उन्नति में भी बड़ा योगदान मिलेगा। आने वाले समय में जबलपुर ग्रामीण क्षेत्र साक्षरता के मामले में मिसाल पेश करेगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak