जबलपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मप्र के नियंत्रक मनोज पुष्प ने जबलपुर सहित भोपाल, इंदौर, ग्वालियर व प्रदेश के सभी जिलों में खाद्य अमले को अलर्ट रहने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस आदेश के तहत यदि कोई भी व्यापारी नकली दूध, पनीर, मावा, दही, मक्खन या घी का कारोबार करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। खंडवा में जानवरों की चर्बी से घी बनाने का अवैध कारखाना पकड़े जाने के बाद प्रशासन सतर्क हुआ है। सभी अधिकारी मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला और मैजिक बॉक्स तकनीक की मदद से मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच करेंगे। दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट मिलने पर प्रतिष्ठान सील किए जाएंगे। इस पूरे अभियान की विस्तृत रिपोर्ट 31 जुलाई तक मुख्यालय को भेजी जानी है।
मिलावट करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
यह अमला मुख्य रूप से दूध चिलिंग प्लांट, डेयरी, दूध संग्रह केंद्र, कारखाने, थोक विक्रेता और मिठाई व दूध कारोबारियों के यहां औचक निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पुलिस बल भी साथ ले जाया जाए। सभी जिला खाद्य अधिकारियों के आदेश के बाद चलाए गए अभियान के तहत हुई कार्रवाई की रिपोर्ट 31 जुलाई तक मुख्यालय को भेजनी होगी। इस दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
मोबाइल लैब और मैजिक बॉक्स से होगी जांच
खाद्य एवं औषधि प्रशासन मप्र के नियंत्रक मनोज पुष्प ने खाद्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दूध व दूध से बने खाद्य पदार्थों की जांच मौके पर ही मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला और मैजिक बॉक्स तकनीक से की जाए। इससे मौके पर ही मिलावट होने की पुख्ता जानकारी मिल सकेगी। जांच के दौरान यदि सिंथेटिक, नकली या केमिकल युक्त मिलावटी दूध या खाद्य सामग्री होने की जानकारी मिलती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दूषित दूध को तत्काल जब्त कर संबंधित प्रतिष्ठान को हमेशा के लिए सील कर दिया जाएगा ताकि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों में खौफ पैदा हो सके।
