जबलपुर। राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 27 जुलाई और 28 जुलाई 2026 को मालवीय चौक स्थित आरके डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर और अधारताल के सरल सोनोग्राफी सेंटर पर छापेमारी की। पड़ताल में सामने आया कि मालवीय चौक स्थित आर. के. सेंटर से गर्भवती महिलाओं को लिंग परीक्षण के लिए अधारताल के सरल सेंटर भेजा जाता था। मौके से जप्त फॉर्म-एफ और रजिस्टरों से अनियमितता साबित हुई। मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आर के एक्स रे सोनोग्राफी सेंटर के संचालक डॉ राजेन्द्र कुमार अग्रवाल तथा सरल डिजिटल एक्स-रे एंड सोनोग्राफी सेंटर एवं महेश सोनोग्राफी सेंटर कांचघर के संचालक डॉ सतीश अग्रवाल का पंजीयन पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 की धारा 20 के तहत रद्द कर दिया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
छापेमारी में खुला अवैध लिंग परीक्षण का सांठगांठ
जांच दल की इस संयुक्त कार्रवाई से शहर के चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है। 27 जुलाई और 28 जुलाई 2026 की जांच में पाया गया कि मालवीय चौक स्थित आर. के. डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर का सीधा संबंध अधारताल के सरल सोनोग्राफी सेंटर से था। मालवीय चौक में आने वाली महिलाओं को गुपचुप तरीके से लिंग जांच के लिए अधारताल भेजा जाता था। टीम ने दोनों संस्थानों से महत्वपूर्ण अभिलेख, पंजीयन दस्तावेज, रजिस्टर और फॉर्म-एफ जप्त कर लिए हैं। जप्त साक्ष्यों से साफ हो गया है कि दोनों सेंटरों में नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा था। इस पूरे मामले में पुलिस विभाग ने दोनों आरोपी संचालकों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कामकाज पर पूरी तरह रहेगा प्रतिबंध
उपलब्ध जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की धारा 20 के तहत कड़ा फैसला लिया गया है। मालवीय चौक स्थित आर के एक्स रे सोनोग्राफी सेंटर (डॉ. राजेन्द्र कुमार अग्रवाल), अधारताल रविन्द्र नगर स्थित सरल डिजिटल एक्स-रे एंड सोनोग्राफी सेंटर (डॉ सतीश अग्रवाल) और कांचघर ईस्ट घमापुर 3223 स्थित महेश सोनोग्राफी सेंटर (डॉ सतीश अग्रवाल) का लाइसेंस और पंजीयन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। संबंधित चिकित्सा संस्थानों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि इस आदेश के बाद वे किसी भी प्रकार की सोनोग्राफी या पंजीयन से जुड़ी गतिविधि संचालित नहीं करेंगे। यदि आदेश की अवहेलना पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
