जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने अपने नियमित कार्मिकों के लिए एक दूरगामी और अभिनव सौर ऊर्जा योजना का शुभारंभ किया है। ऊर्जा विभाग के दिशा निर्देशों के तहत जबलपुर मुख्यालय से संचालित इस पहल का उद्देश्य कंपनी परिवार को स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूक करना है। इस योजना के माध्यम से सभी नियमित कर्मचारी अपने आवास की छत पर सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर सकते हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह और कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन एवं प्रशासन दीपक कश्यप ने इसे प्रधानमंत्री के ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। यह योजना न केवल कार्मिकों के बिजली बिलों में कमी लाएगी बल्कि राज्य में हरित ऊर्जा के उपयोग को भी व्यापक गति प्रदान करेगी।
आसान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से बढ़ेगी ऊर्जा बचत
इस महत्वाकांक्षी योजना को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक कर्मचारी संबंधित विद्युत वितरण कंपनी की वेबसाइट पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकृत सूचीबद्ध विक्रेताओं में से किसी का भी चयन करने की पूर्ण स्वतंत्रता कार्मिकों को दी गई है। योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के प्लांट लगाने पर विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पात्रता अनुसार कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा सीधे विक्रेता को भुगतान किया जाएगा। शेष राशि का भुगतान संयंत्र की सफल स्थापना और आवश्यक प्रमाणन के बाद किया जाएगा। इससे कर्मचारियों पर एकमुश्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे आसानी से अपने घर में सौर ऊर्जा का लाभ उठा सकेंगे। इस प्रयास से बिजली की खपत में बड़ी बचत दर्ज की जाएगी।
हरित भविष्य के संकल्प में बनेंगे सक्रिय भागीदार
कंपनी प्रबंधन ने इसे केवल एक सामान्य कल्याणकारी योजना नहीं बल्कि एक जन आंदोलन का रूप देने का निर्णय लिया है। कार्यपालक निदेशक दीपक कश्यप ने सभी कार्मिकों से इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित भविष्य की नींव हमारे घरों से ही रखी जानी चाहिए। इस पहल के माध्यम से पावर जनरेटिंग कंपनी के कर्मचारी अब न केवल बिजली उत्पादक बल्कि हरित क्रांति के भी सक्रिय भागीदार बनेंगे। कंपनी का लक्ष्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को इस तकनीक से जोड़ना है ताकि वे पर्यावरण संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। समयबद्ध प्रक्रिया होने के कारण कर्मचारियों को प्लांट लगाने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे शीघ्र ही सौर ऊर्जा का लाभ ले पाएंगे।
