स्पेन के शानदार डिफेंस ने फ्रांस को धकेला पीछे
मैदान पर स्पेन की टीम सिमोन, पोरो, लापोर्टे, कुबार्सी, कुकुरेला, रुइज़, रॉड्रि, ओल्मो, बाएना, लामिन यमाल और ओयारजाबल के साथ उतरी थी। वहीं फ्रांस की टीम मैनान, डिग्ने, उपामेकानो, सलीबा, कुंदे, चुआमेनी, राबियो, डेम्बेले, ओलिसे, बारकोला और एम्बाप्पे के साथ मैदान में थी। पूरे मैच के दौरान स्पेन का डिफेंस अजय रहा। 19 साल के युवा खिलाड़ी लामिन यमाल ने फ्रांस के खिलाड़ियों को लगातार छकाया। 22वें मिनट में लुकास डिग्ने द्वारा यमाल को बॉक्स में गिराए जाने के बाद रेफरी ने स्पेन को पेनल्टी का मौका दिया। इस पेनल्टी को ओयारजाबल ने कुशलता से गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में भी स्पेन का खेल जारी रहा।
पेड्रो पोरो के गोल से फाइनल की जीत हुई पक्की
दूसरे हाफ में 58वें मिनट में डानी ओल्मो और पेड्रो पोरो के बेहतरीन तालमेल ने मैच का दूसरा गोल सुनिश्चित किया। इस गोल के बाद फ्रांस की टीम दबाव में आ गई। हालांकि लामिन यमाल का एक और गोल ऑफसाइड होने के कारण अमान्य घोषित कर दिया गया, लेकिन तब तक स्पेन की जीत तय हो चुकी थी। कोच डिडिएर डेसचैंप्स ने मैच के 73वें मिनट में खिलाड़ियों में बदलाव कर खेल को पलटने की कोशिश की, लेकिन स्पेन के अनुशासित खेल के सामने कोई रणनीति काम नहीं आई। स्पेन की टीम ने टूर्नामेंट में अब तक केवल 1 गोल खाया है, जो उनके मजबूत डिफेंस को दर्शाता है। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल का सफर तय किया था।
मियामी में अर्जेंटीना या इंग्लैंड से होगी फाइनल भिड़ंत
फ्रांस के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही क्योंकि टीम लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का अपना सपना पूरा नहीं कर सकी। अब स्पेन की नजरें 19 जुलाई को मियामी में होने वाले खिताबी मुकाबले पर टिकी हैं। फाइनल में स्पेन का मुकाबला अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। स्पेन की यह जीत उनके लिए एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि लंबे अंतराल के बाद टीम ने विश्व कप के फाइनल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। फुटबॉल के इस महासमर में अब हर किसी की निगाहें मियामी के उस बड़े मुकाबले पर टिकी हैं जहाँ यह तय होगा कि 2026 का फुटबॉल वर्ल्ड कप का विजेता कौन बनेगा।
