भोपाल. दिल्ली से भोपाल आ रही शताब्दी एक्सप्रेस (12002) में सुबह यात्रियों को नाश्ते में एक्सपायरी डेट की ब्रेड परोसने का मामला सामने आया है। यह ट्रेन नई दिल्ली से रानी कमलापति स्टेशन के बीच चलती है।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के सी-4 कोच के करीब 74 यात्रियों, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। सभी को ब्रेकफास्ट में 10 जुलाई की यूज डेट वाली ब्रेड परोस दी गई। अधिकतर यात्रियों ने बिना एक्सपायरी डेट देखे की ब्रेड खा ली थी। बाद में डेट देखने पर यात्रियों को फूड पॉयजनिंग की चिंता बढ़ गई।
कोच के बाहर भी रखी थी एक्सपायरी ब्रेड
यात्रियों ने बताया कि यह मामला केवल एक कोच तक सीमित नहीं था। कोच के बाहर रखे कैटरिंग पैकेट्स में भी 10 जुलाई की यूज डेट वाली ब्रेड रखी थी। इससे आशंका है कि एक्सपायरी ब्रेड ट्रेन के कई कोचों में यात्रियों को नाश्ते में परोसी गई होगी। यह गड़बड़ी सामने आने के बाद कई यात्रियों ने रेल मदद ऐप और ऑनलाइन उपभोक्ता आयोग (कंज्यूमर कमीशन) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
खाने के बाद एक्सपायरी डेट का पता चला
यात्रियों के मुताबिक सुबह सभी यात्रियों को नाश्ते में ब्रेड परोसी गई थी। अधिकांश लोग उसे खा चुके थे। तभी पीछे बैठे एक पैसेंजर ने पैकेट पर अंकित यूज बाय डेट देखकर बताया कि ब्रेड एक्सपायरी डेट की है। इसके बाद उन्होंने तत्काल रेल मदद ऐप पर शिकायत दर्ज कराई। एक अन्य यात्री ने बताया कि उन्हें भी नाश्ते में इसी 10 जुलाई यूज डेट वाली ब्रेड दी गई। उनका कहना था कि यदि आज यह लापरवाही सामने आई है तो यह कहना मुश्किल है कि पहले कितनी बार यात्रियों को इसी तरह की खाद्य सामग्री परोसी गई होगी। उन्होंने कहा, इस तरह की गड़बडिय़ां रेलवे की खानपान व्यवस्था पर यात्रियों के भरोसे को कमजोर करती हैं।
नॉर्दर्न रेलवे पर डाली जिम्मेदारी
मामले में आईआरसीटीसी के रीजनल अधिकारी मनोरंजन बिनकर ने कहा कि यह नॉर्दर्न रेलवे की ट्रेन है और इसका खाना वहीं से लोड किया जाता है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जांच या कार्रवाई के संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। रेलवे व्यवस्था के मुताबिक शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन और ऑनबोर्ड कैटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित रेलवे जोन की रहती है।
एक दिन पहले भी खाने की शिकायत हुई
10 जुलाई को भी 12001 शताब्दी एक्सप्रेस (भोपाल से दिल्ली) में यात्रा कर रहे एक यात्री ने सोशल मीडिया पर रेल मंत्री, आईआरसीटीसी और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए भोजन की क्वालिटी और क्वांटिटी में सुधार की शिकायत की थी। यात्री ने आरोप लगाया था कि फेयर तो पूरा लिया जा रहा है, लेकिन कैटरर ने खाने की मात्रा कम कर दी है। लगातार दो दिनों में शताब्दी के खानपान को लेकर सामने आई शिकायतों ने कैटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
