जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने अपनी ऊर्जा परियोजनाओं के बेहतर नियोजन और समयबद्ध निष्पादन को मजबूत करने के लिए 20 चयनित सिविल व परियोजना उत्पादन अभियंताओं के लिए दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। मानव संसाधन एवं प्रशासन विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अभियंताओं को विश्वस्तरीय ऑरेकल प्राइमावेरा सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कार्यकुशलता बढ़ाना, आधुनिक तकनीकों से कर्मचारियों को दक्ष बनाना और जटिल पावर प्रोजेक्ट्स की निगरानी को सटीक बनाना है। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक दीपक कश्यप तथा अतिरिक्त मुख्य अभियंता डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने भाग लेकर मानव संसाधन के तकनीकी सशक्तिकरण तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर विशेष रूप से बल दिया।
आधुनिक सॉफ्टवेयर से पावर प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन हुआ बेहद आसान
ऑरेकल प्राइमावेरा पी-6 निर्माण और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट्स के संचालन के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान अभियंताओं को प्रोजेक्ट शेड्यूलिंग, लागत नियंत्रण, संसाधनों के सही उपयोग और क्रिटिकल पाथ एनालिसिस की बारीकियां सिखाई गईं। रियल-टाइम प्रगति विश्लेषण और डैशबोर्ड आधारित निगरानी से अब जटिल बिजली परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना संभव हो सकेगा। व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए अभियंताओं को जोखिम प्रबंधन और संसाधनों के अनुकूल आवंटन के व्यावहारिक गुर भी समझाए गए।
भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए मानव संसाधन का सशक्तिकरण
कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि अपने कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकों से लैस करना भी प्राथमिक आवश्यकता है। इस प्रकार की पहल से भविष्य की परियोजनाओं का नेतृत्व अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। प्रशिक्षण की रूपरेखा वर्तमान मांगों के साथ-साथ आने वाले समय की आधुनिक परियोजना प्रबंधन जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस प्रयास से पावर जनरेटिंग कंपनी की भावी परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और निष्पादन क्षमता को एक नई दिशा और गति मिलने की पूरी उम्मीद है।
