इस मौके पर बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए, जिनहोने अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। यूनियन का आरोप था कि ADME अशोक चौरसिया अपने पद का दुरुपयोग कर रहे है। चुनिंदा कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। यूनियन ने आरोप लगाया कि वेस्ट सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन से जुड़े कर्मचारियों और पदाधिकारियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। कर्मचारियों पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ की सदस्यता लेने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि उनसे कहा जाता है कि यदि वे पुरानी यूनियन की सदस्यता ले लेते हैं तो उनके खिलाफ जारी चार्जशीट समाप्त कर दी जाएगी। ज्ञापन में कहा गया है कि कर्मचारियों को बिना उचित कारण चार्जशीट दी जा रही है, उनके सर्विस रिकॉर्ड खराब किए जा रहे हैं और मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। यूनियन का आरोप है कि यह कार्यशैली कर्मचारियों के मनोबल और कार्य वातावरण को प्रभावित कर रही है।
कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी-
यूनियन ने मंडल रेल प्रबंधक से पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एवं वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी के साथ संगठन के आधार पर भेदभाव न हो और कार्यस्थल पर सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।