हाईकोर्ट ने यह भी साफ कहा है बालिका के बरामद होते ही उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। बड़ामलहरा निवासी बालिका की मां की ओर से अधिवक्ता आलोक जैन, नितिन जैन, अभय सोहगौरा, सृजन नारंग, सुजीत चक्रवर्ती व अंकिता अग्रवाल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि नाबालिग पुत्री पांच जून, 2026 को सीएम राइज स्कूल में कक्षा नौ की पूरक परीक्षा देने गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। आरोप है कि प्रतिवादी युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। अन्य अनावेदकों ने उसका साथ दिया है। उसी दिन गुमशुदगी और एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक बालिका का पता नहीं चल सका। पुलिस अधीक्षक को कई आवेदन देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर हाई कोर्ट की शरण ली गई। राÓय शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता राजवर्धन दत्त पधरिया उपस्थित हुए। खंडपीठ ने निजी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
जबलपुर। छतरपुर के बड़ा मल्हरा से 41 दिन से लापता नाबालिग छात्रा के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने पुलिस की कार्रवाई पर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक, छतरपुर और थाना प्रभारी, बड़ामलहरा को प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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