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कायाकल्प 2025-26: पाटन और एल्गिन ने मारी बाजी, विक्टोरिया की रैंकिंग फिसली



जबलपुर। राज्यस्तरीय कायाकल्प अभियान 2025-26 के ताजा परिणाम घोषित किए गए हैं जिनमें जबलपुर के स्वास्थ्य संस्थानों का प्रदर्शन मिलाजुला रहा है। सिविल अस्पताल पाटन और रानी दुर्गावती अस्पताल एलिगन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में क्रमशः तीसरा और चौथा स्थान हासिल किया है। पाटन ने 97.69 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं, लेकिन नियमों की बाधा के कारण उसे तीसरे स्थान पर रहना पड़ा। दूसरी ओर, जिला अस्पताल विक्टोरिया का प्रदर्शन इस बार काफी खराब रहा और वह पिछले वर्ष के चौथे स्थान से फिसलकर 45वें स्थान पर पहुंच गया। मूल्यांकन के दौरान विक्टोरिया अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, स्वच्छता और फायर एनओसी जैसी कई गंभीर कमियां पाई गई थीं, जिनका सीधा असर उनकी रैंकिंग पर पड़ा है।

पाटन सबसे ज्यादा अंक पाकर भी फिसला

​सिविल अस्पताल पाटन ने इस बार 97.69 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। कायाकल्प अभियान के नियमों के तहत किसी भी संस्थान को लगातार दो बार प्रथम स्थान पाने के लिए अपने पिछले स्कोर से कम से कम 5 प्रतिशत अधिक अंक लाना अनिवार्य होता है। पाटन अस्पताल पिछले साल अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान पर था, इसलिए सर्वाधिक अंक पाने के बावजूद उसे इस वर्ष तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

विक्टोरिया अस्पताल की रैंकिंग में भारी गिरावट आई

​मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी के अनुसार जिला अस्पताल विक्टोरिया में नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। मूल्यांकन टीम ने ओपीडी में स्वच्छता की कमी, नोडल अधिकारियों की अनुपस्थिति और फायर एनओसी का न होना जैसी खामियां पकड़ी थीं। इन तकनीकी और प्रशासनिक कमियों का खामियाजा अस्पताल को 45वें स्थान पर गिरकर भुगतना पड़ा है। विभाग अब इन कमियों को सुधारने की योजना पर काम कर रहा है।

एलिगन अस्पताल ने अपनी जगह सुरक्षित की

​रानी दुर्गावती अस्पताल एलिगन ने 94.30 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल करके अपनी स्थिति मजबूत की है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों पर लगातार ध्यान देने का परिणाम रैंकिंग में दिखाई दे रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि भविष्य में जबलपुर के सभी अस्पताल इन मानकों पर और बेहतर कार्य करें। डॉ. नवीन कोठारी ने कहा है कि अगली बार कमियों को पूरी तरह दूर कर सभी संस्थानों की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार का प्रयास किया जाएगा।

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