गौरतलब है कि यह पूरा मामला 3 जून को तब सामने आया जब वारासिवनी थाना इलाके में स्थित संचेती राइस मिल के पास एक ट्रक पकड़ा गया। इस ट्रक में सरकारी फोर्टिफाइड चावल लदा हुआ था, जिसे बालाघाट के FCI गोदाम से छिंदवाड़ा के एवीजे एथेनॉल प्लांट' भेजा जाना था। जांच आगे बढ़ी तो परतों के साथ ट्रकों और आरोपियों की संख्या भी बढ़ती चली गई। वारासिवनी थाने में दर्ज FIR के अनुसार पुलिस ने जिन 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनमें ट्रक ड्राइवर दुर्गेश शेंडे, एवीजे एथेनॉल प्लांट का प्रतिनिधि राहुल प्रताप, प्लांट का सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव और सिवनी का ट्रांसपोर्टर उबेद खान शामिल हैं। वहीं, संचेती राइस मिल के मालिक गंभीर संचेती और उनका बेटा सौरभ संचेती केस दर्ज होने के बाद से ही फरार हैं। कोर्ट ने इन दोनों बाप-बेटे के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है और पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
25 सदस्यों की SIT कर रही जांच, 17 ट्रक जब्त-
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले कि गहराई से जांच के लिए एक राजपत्रित अधिकारी की अगुवाई में 20 से 25 सदस्यों की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई है। SIT ने अब तक 17 ट्रक बरामद किए हैं, हालांकि उनमें कितना चावल मिला है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि टेक्निकल जांच के आधार पर सिवनी के दो राइस मिलर्स समेत 5-6 लोगों को नोटिस देकर बयान दर्ज किए गए हैं।