जबलपुर. मानसून के दौरान वर्षा, आंधी-तूफान एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों के बीच संरक्षित एवं निर्बाध रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा, यात्रियों की संरक्षा तथा रेल परिचालन को प्रभावित होने से बचाने के लिए सभी मंडलों में विशेष सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। विशेष रूप से भोपाल, जबलपुर एवं कोटा मंडल के घाट एवं संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने मानसून अवधि में संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर सतत निगरानी रखने, स्थानीय प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से त्वरित रूप से निपटने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मानसून के मद्देनजर संवेदनशील रेलखंडों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। संभावित जोखिम वाले स्थलों पर चौकीदार एवं पेट्रोलमैन तैनात किए गए हैं तथा विशेष मानसून पेट्रोलिंग के माध्यम से रेलवे ट्रैक की लगातार निगरानी की जा रही है।
रेलवे ट्रैक एवं यार्ड क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से बचाव के लिए नालियों, पुलियों एवं जल निकासी मार्गों की व्यापक सफाई कराई गई है। ट्रैक के आसपास जमा मलबा हटाकर जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाया गया है, जिससे वर्षा जल का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित हो सके। विद्युतीकृत रेलखंडों में ओवरहेड उपकरण (ओएचई), सिग्नल एवं ट्रैक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संयुक्त निरीक्षण कर ऐसे पेड़ों एवं शाखाओं की छंटाई की गई है, जिनसे मानसून के दौरान रेल परिचालन प्रभावित होने की संभावना थी।
संवेदनशील पुलों पर वास्तविक समय में जलस्तर की निगरानी के लिए जल स्तर निगरानी उपकरण भी लगाए गए हैं। संचार एवं सिग्नल प्रणाली को पूर्णत: सक्रिय बनाए रखने के लिए सिग्नलिंग केबलों की जांच, मेगरिंग तथा अन्य तकनीकी अनुरक्षण कार्य किए जा रहे हैं। आपातकालीन संचार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु वॉकी-टॉकी सेटों को कार्यशील एवं पूर्णत: चार्ज स्थिति में रखा गया है।
पश्चिम मध्य रेल यात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित एवं सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मौसम विभाग एवं आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इन सभी व्यापक व्यवस्थाओं के माध्यम से पश्चिम मध्य रेल मानसून के दौरान भी संरक्षित एवं सुरक्षित, विश्वसनीय तथा निर्बाध रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
