आज दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम 4:30 बजे तक चला। इस दौरान पुलिस अधिकारी व तहसीलदार सौरभ मिश्रा ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया भी मौके पर पहुंचे। कचरा प्रबंधन कंपनी रेमकी के प्रतिनिधियों और बसपा नेता सुभाष शर्मा की मौजूदगी में परिजनों से बातचीत हुई। करीब चार घंटे चली चर्चा के बाद प्रशासन और कंपनी की ओर से सहायता का आश्वासन मिलने पर परिजन मान गए और शव लेकर रवाना हुए।
पत्नी एक किडनी के सहारे, बेटा दिव्यांग-
भैयालाल बसोर का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बताया जा रहा है। उनकी पत्नी एक किडनी के सहारे जीवन जी रही हैं, जबकि उनका बेटा दिव्यांग है। परिवार की पूरी जिम्मेदारी भैयालाल पर ही थी। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सुबह ड्यूटी पर गए, हादसे में गई जान
जानकारी के मुताबिक भैयालाल पिता कोदईला निवासी बडख़ेरा थाना सभापुर और वर्तमान में घूरडांग में रह रहे थे। वे लंबे समय से नगर निगम के कचरा कलेक्शन वाहन में हेल्पर के रूप में काम कर रहे थे। सुबह रोज की तरह वे काम पर निकले थे। सुबह करीब 7.30 बजे टिकुरिया टोला ईंट भट्टा के पास कचरा वाहन चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में भैयालाल वाहन के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर कर दिया, लेकिन मैहर के पास एम्बुलेंस में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद नाराज परिजन शव लेकर सीधे कोलगवां थाना पहुंचे। पुलिस की समझाइश के बाद शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।