जबलपुर। डिजिटल इंडिया मिशन को सशक्त बनाने की दिशा में जबलपुर जिले के ई-दक्ष केंद्र ने पूरे मध्य प्रदेश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ष 2026 के अप्रैल माह में जबलपुर जिला शासकीय सेवकों को प्रशिक्षण देने के मामले में पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। जनवरी से अप्रैल तक चले इस विशेष सत्र के दौरान जिले ने तकनीकी और प्रशासनिक विषयों में रिकॉर्ड संख्या में प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित कर प्रदेश के अन्य सभी जिलों को पीछे छोड़ दिया है। यह सफलता कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और अपर कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक गेहलोत के कुशल मार्गदर्शन में प्राप्त हुई है। पूरे कार्यक्रम की निगरानी जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस चित्रांशु त्रिपाठी द्वारा की गई। ई-दक्ष केंद्र में वरिष्ठ प्रशिक्षक संदीप पाण्डेय और प्रशिक्षक स्वाति जैन ने प्रशिक्षण देने की मुख्य जिम्मेदारी निभाई।
आधुनिक तकनीक व एआई पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान सरकारी कार्यप्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के उपयोग पर सबसे अधिक जोर दिया गया। वर्ष 2026 के अप्रैल माह में प्रदेश में सर्वाधिक 1087 शासकीय सेवकों को विभिन्न कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षित किया गया। साल के पहले 4 महीनों में जबलपुर जिले ने कुल 3731 शासकीय और संविदा सेवकों को ट्रेनिंग देकर नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले जनवरी में 832 और फरवरी में 1544 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया था जो कि प्रदेश में सबसे अधिक संख्या थी। अप्रैल महीने में मुख्य रूप से जनरेटिव एआई टूल्स, साइबर अपराध से बचाव, ई-ऑफिस पोर्टल और आईजीओटी कर्मयोगी एप्लीकेशन जैसे आधुनिक विषयों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा प्रथम त्रैमास में एमपी ई-सेवा पोर्टल, ई-एचआरएमएस, अमृत रेखा एप्लीकेशन, एसएनए स्पर्श पोर्टल और आधार पोर्टल जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल माध्यमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
विभिन्न विभागों की भागीदारी और सुशासन पर फ़ोकस
इस प्रशिक्षण अभियान में जिले के विभिन्न सरकारी विभागों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अप्रैल माह में स्कूल शिक्षा विभाग के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और रेलवे पुलिस शाखा के कर्मचारी शामिल हुए। इसके साथ ही प्रथम त्रैमास में जनपद पंचायत, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, कोष एवं लेखा, पशु चिकित्सा, उच्च शिक्षा और कलेक्टर कार्यालय के सेवकों ने भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में शिक्षकों को विशेष रूप से साइबर सुरक्षा और एआई टूल्स के बारे में जागरूक किया जा रहा है। शासकीय सेवक अब मर्लिन एआई जैसे टूल्स की मदद से ईमेल, पत्र और नोट शीट की ड्राफ्टिंग बहुत कम समय में कर पा रहे हैं। वरिष्ठ प्रशिक्षकों का लक्ष्य है कि इस वर्ष सभी विभागों के अधिक से अधिक कर्मचारियों को एआई तकनीक सिखाई जाए। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी और सुशासन का लक्ष्य पूरा होगा।

