जबलपुर। प्रमुख सेठ गोविंददास विक्टोरिया जिला चिकित्सालय की 10 एकड़ की बेशकीमती शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन ने कई बार प्रशासन को शिकायत की, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी के कारण अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस स्थिति से अस्पताल की छवि पर भी सवाल उठने लगे हैं।
दस एकड़ में फैला है पूरा परिसर
अस्पताल प्रशासन के अनुसार परिसर 10 एकड़ के बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां अस्पताल के कई भवन बने हैं, लेकिन काफी हिस्सा अभी भी खाली पड़ा है। इसी खाली जमीन पर कुछ लोग कब्जा करके निर्माण कार्य कर रहे हैं। प्रशासन को दी गई जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक 5 और 6 के पीछे, धोबी घाट के पास और गुरुद्वारे के समीप की सरकारी जमीन पर यह अतिक्रमण हो रहा है। इस संबंध में अधिकारियों को फोटो और दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।
अधिकारियों को भेजे गए रिमाइंडर
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अतिक्रमणकारी अस्पताल की बाउंड्रीवॉल के बेहद करीब तक पहुंच चुके हैं। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में अस्पताल की जमीन और कम हो सकती है। इस गंभीर मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और नगर निगम आयुक्त को फिर से पत्र भेजा है। इससे पहले 6 दिसंबर 2024 को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद 28 अप्रैल को ताजा रिमाइंडर भेजा गया है, जिसकी एक प्रति न्यायिक मजिस्ट्रेट 1 श्रेणी अरुण गोयल को भी भेजी गई है।
सिविल सर्जन ने जताई गहरी चिंता
सिविल सर्जन डॉक्टर नवीन कोठारी ने अवैध कब्जे पर चिंता जताते हुए कहा कि अस्पताल के हिस्से में हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार किया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की सरकारी जमीन सुरक्षित नहीं रहने पर व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब तक इस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराते हैं या फिर फाइलें ऐसे ही धूल खाती रहेंगी।
