जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया बिजली टैरिफ आदेश जारी कर दिया है। जहाँ बिजली कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए 10.19% की भारी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया था, वहीं आयोग ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए केवल 4.80% की औसत वृद्धि को ही स्वीकार किया है।
उपभोक्ताओं को कहाँ मिली राहत
- न्यूनतम प्रभार खत्म: आयोग ने कई श्रेणियों में 'मिनिमम चार्ज' (न्यूनतम प्रभार) को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब कृषि, सार्वजनिक जल प्रदाय, मेट्रो रेल और थोक आवासीय उपभोक्ताओं को कोई न्यूनतम प्रभार नहीं देना होगा।
- मीटरिंग चार्ज से मुक्ति: अब उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का मीटरिंग प्रभार नहीं वसूला जाएगा।
- मेट्रो और मौसमी उपभोक्ताओं को राहत: मेट्रो रेल और मौसमी उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।
- स्मार्ट मीटर पर 20% की बचत: स्मार्ट मीटर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा अवधि (दिन के समय) में ऊर्जा प्रभार पर 20% की छूट जारी रहेगी।
डिजिटल पेमेंट और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा
आयोग ने प्रीपेड मीटर और ऑनलाइन भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के लिए मिलने वाली छूट और प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था को यथावत रखा है। साथ ही, हरित ऊर्जा के टैरिफ में भी कमी की गई है ताकि पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल सके।
उद्योगों के लिए खास प्रावधान
बड़े उद्योगों (उच्च दाब उपभोक्ताओं) के लिए रात के समय बिजली इस्तेमाल करने पर मिलने वाली विशेष छूट जारी रहेगी। साथ ही, ओपन एक्सेस के माध्यम से बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं के 'अतिरिक्त अधिभार' में भी कमी की गई है। आयोग ने बिजली कंपनियों को तकनीकी सुधार और लागत कम करने के लिए अनुसंधान एवं विकास फंड बनाने के भी निर्देश दिए हैं।
