बिजली कंपनियों में सेवानिवृत्त आयु में व्याप्त विसंगति ऊर्जा विभाग दूर करे
जबलपुर. ऊर्जा विभाग मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत बिजली कंपनियों में कर्मचारियों की सेवानिवृत्त आयु के अलग-अलग आदेश, नियम है। सभी श्रेणियों के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सेवा निवृत्त आयु 62 बर्ष निर्धारित की गई है। वहीं बिजली कंपनियों में कार्यरत कंपनी कैडर लाईन परिचारकों की सेवा निवृत्त आयु 55 बर्ष निर्धारित की गई है। जो कि न्यायोचित नहीं है। इस विसंगति के कारण कंपनी कैडर लाईन परिचारक 55 बर्ष की सेवा आयु पूर्ण कर सेवा निवृत्त हो रहें हैं।
उपरोक्त संदर्भ में मध्यप्रदेश विधुत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री जी, अतरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा, सीएमडी पावर मैनेजमेंट कंपनी और सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध संचालक गणों से अनुरोध किया है कि आपकी सकारात्मक सोच और संवेदनशील रवैए से बिजली सेक्टर की कंपनियों में कर्मचारियों के हित में लगातार कार्य हों रहें हैं, अच्छे निर्णय लिए जा रहे हैं। फेडरेशन इसके लिए आपका आभार व्यक्त करता है। किंतु बड़े खेद के साथ आपसे आग्रह है कि बिजली सेक्टर की कंपनियों में आज भी कर्मचारियों के लिए दो अलग-अलग नियम, कानून चल रहे हैं। बिजली कंपनियों में सभी श्रेणियों के कर्मचारियों की सेवा निवृत्त आयु 62 बर्ष निर्धारित की गई है परंतु कंपनी कैडर लाईन परिचारकों को 55 बर्ष में सेवा आयु पूर्ण कर सेवा निवृत्त किया जा रहा है। जो कि संवेदनशील सरकार में न्यायसंगत नहीं है। इस विषय में मध्यप्रदेश विधुत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल के साथ मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक और एम पी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक एवं कार्यपालक निर्देशक मानव संसाधन एवं प्रशासन से भेंटकर निवेदन किया था और इन श्रेष्ठतम अधिकारियों ने इस विषय पर सकारात्मक सोच के साथ निर्णय लेकर सेवा निवृत्त आयु 62 बर्ष करने की अनुसंशा की थी। फेडरेशन इसके लिए इन श्रेष्ठतम अधिकारियों का आभार व्यक्त करता है।
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और अन्य बिजली कंपनियों ने एक ही संस्थान में दो अलग-अलग नियम की जगह इन कर्मचारियों की भी सेवा निवृत्त आयु 62 बर्ष करने का अनुसंशा सहित प्रस्ताव काफी समय पूर्व ही अनुमोदन के लिए ऊर्जा विभाग को प्रेषित किया था, इसके बावजूद भी आज तक इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली है। जिससे इस श्रेणी के कर्मचारियों को 55 बर्ष में ही सेवा निवृत्त किया जा रहा है। इस विसंगति से इस श्रेणी के सभी कर्मचारी साथियों का मनोबल निरंतर गिरता जा रहा है, जो इनके और बिजली सेक्टर की बेहतरी के लिए उपयुक्त नहीं है। उल्लेखनीय है कि यह कर्मचारी गण सीधे उपभोक्ता सेवा से जुड़े रहते हैं।
फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक, यू के पाठक, दिनेश दुबे, अनूप वर्मा, उमाशंकर दुबे, सीताराम कुरचानिया, केदारनाथ अग्निहोत्री, श्याम मोहन वर्मा, अवनीश तिवारी, विमल महापात्र, सुधीर मिश्रा, दीपक मेमने, विजय तिवारी, रणजीत सेन,राजेश मिश्रा, आर के चौबे, मोहन श्रीवास, विजय डोंगरे,मोहित पटेल, योगेश पटेल, मनोज पाठक, सतेन्द्र सुहाने, दिनेश गोस्वामी, दिलीप पाठक, अक्षय श्रीवास्तव,बी एम तिवारी सहित फेडरेशन के सभी पदाधिकारियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी, ऊर्जा मंत्री जी, अतरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा, सीएमडी, पावर मैनेजमेंट कंपनी एवं सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध संचालक गणों से अनुरोध किया है कि सेवा निवृत्त आयु की इस विसंगति को दूर कर बिजली कंपनियों में सभी के लिए एक ही नियम, कानून लागू कर कंपनी कैडर लाईन परिचारकों की सेवा निवृत्त आयु 55 बर्ष से बढ़ाकर सभी के समान 62 बर्ष की जाए।
