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एमपी ट्रांसको के जूनियर इंजीनियर्स के लिए दिल्ली में विशेष इंडक्शन कोर्स, परीक्षा से तय होगी वरीयता

 


जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के नव नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के बदरपुर नई दिल्ली स्थित उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र में इस बारह सप्ताह के सघन इंडक्शन प्रशिक्षण की शुरुआत 23 फरवरी से की गई है। इस प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की पारेषण प्रणाली को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित अनुभवी इंजीनियर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पारेषण कंपनी के कुल 60 जूनियर इंजीनियर्स अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस बैच में लैंगिक विविधता का ध्यान रखते हुए सात महिला अभियंताओं को भी शामिल किया गया है, जो भविष्य में ग्रिड संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी।

सब-स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन के रखरखाव की बारीकियां सीख रहे

​प्रशिक्षण के दौरान पारेषण प्रणाली से संबंधित विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक विषयों को कवर किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन के रखरखाव की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रशिक्षुओं को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो सके। तकनीकी विषयों के अतिरिक्त इसमें प्रबंधन और अकाउंटिंग की जानकारी भी दी जा रही है ताकि जूनियर इंजीनियर्स फील्ड में तकनीकी कार्यों के साथ प्रशासनिक तालमेल भी बेहतर ढंग से बिठा सकें। यह बारह सप्ताह का कोर्स पारेषण कार्यों में आने वाली दैनिक चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित है।

मुख्य अभियंता राजीव अग्रवाल ने किया संवाद

​एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता राजीव अग्रवाल ने हाल ही में नई दिल्ली स्थित संस्थान का दौरा कर प्रशिक्षण की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने वहां चल रही गतिविधियों और पारेषण प्रशिक्षण के उच्च मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षुओं से सीधा संवाद कर उनकी प्रतिक्रिया भी प्राप्त की। मुख्य अभियंता ने अनुशासन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि यह कोर्स जूनियर इंजीनियर्स के करियर की नींव को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है। संस्थान के विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा नवीनतम तकनीकी उपकरणों और प्रणालियों का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है।

एक्सीडेंट जीरो करने पर ज्यादा जोर

​अभियंताओं को राष्ट्रीय ग्रिड की जटिल कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें एडवांस टेक्नोलॉजी और ट्रांसमिशन नेटवर्क के ऑपरेशन के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। विशेषज्ञ उन्हें सुरक्षा मानकों के पालन और आपातकालीन परिस्थितियों में ग्रिड को स्थिर रखने के तौर-तरीके सिखा रहे हैं। इसके अलावा मेंटेनेंस स्टाफ के प्रभावी प्रबंधन की जानकारी भी दी जा रही है। सुरक्षा प्रोटोकॉल को इस प्रशिक्षण का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है ताकि भविष्य में कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को शून्य किया जा सके।

प्रदर्शन बनेगा वरीयता का आधार

​यह संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विभागीय आंतरिक मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी होगा। प्रशिक्षण की समाप्ति पर नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट द्वारा एक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में प्राप्त अंकों और प्रशिक्षण के दौरान किए गए प्रदर्शन के आधार पर ही इन जूनियर इंजीनियर्स की वरीयता सूची निर्धारित की जाएगी। भविष्य में पदस्थापना और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं में इस मूल्यांकन के परिणाम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वर्तमान में सभी 60 प्रतिभागी दिल्ली में विद्युत पारेषण की उन्नत बारीकियां सीख रहे हैं।

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