पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देते हुए पीडि़त बसंती बाई, सुकून बाई सहित राजू मल्लाह को गढ़ा क्षेत्र में स्मार्ट सिटी अस्पताल में भरती कराया गया था। पीडि़तों ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के समय उनके पैरों की उंगलियां चल रही थीं, लेकिन डॉक्टरों ने उचित उपचार करने के बजाय लापरवाही बरती। डॉक्टरों ने पैरों पर प्लास्टर बांधकर पन्नी चढ़ा दी, जिससे घाव सडऩे लगे और स्थिति बिगड़ती चली गई। बाद में कथित रूप से बीमा क्लेम के लालच में दोनों महिलाओं के पैर काट दिए गए, जिससे वे जीवनभर के लिए अपाहिज हो गईं। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा अपने कार्यकर्ताओं के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पीडि़तों ने कलेक्टरए पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर बताया कि पूरी घटना एक सड़क हादसे के बाद शुरू हुई थी, जब ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी। पहले उन्हें श्रीधाम अस्पताल और बाद में स्मार्ट सिटी अस्पताल रेफर किया गया था। पीडि़तों का कहना है कि वे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन लापरवाही ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी। अब वे न्याय के लिए दर.दर भटकने को मजबूर हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र यादव, बीपी उडिय़ा, कमलेश पटेल, दीपेंद्र दुबे, राहुल अहिरवार, शुभम अहिरवार, राम बालक पटेल, देवकरण पटेल, अधिवक्ता दीपांशु साहू, देवेन्द्र यादव सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।