khabar abhi tak

रादुविवि:अंतिम चरण में तेज हुई चुनावी सरगर्मी,चेहरे नहीं मुद्दे भी अहम

 


जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में गैर शैक्षणिक कर्मचारी संघ के नए पदाधिकारियों के चयन के लिए 25 मार्च को मतदान होने जा रहा है। इस चुनावी प्रक्रिया को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में सरगर्मी चरम पर है और प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। कर्मचारी संगठन के इतिहास में पहली बार मतदाता पिछले वर्षों के कार्यकाल का बारीकी से मूल्यांकन कर रहे हैं। कर्मचारी इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि बीते समय में उनके हितों की कितनी रक्षा हुई और कौन से मुद्दे अब भी लंबित हैं।

इस बार त्रिकोणीय है मुकाबला

​अध्यक्ष पद के लिए इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। मैदान में संजय यादव, वीरेंद्र पटेल और प्रेम प्रकाश पुरोहित मुख्य दावेदार के रूप में उभरे हैं। चुनाव की घोषणा से पहले समीकरण कुछ और थे, लेकिन मतदान की तारीख नजदीक आते ही गठबंधन और समर्थन के नए दौर ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। इसी तरह महासचिव पद के लिए भी कशमकश जारी है। पहले इस पद के लिए राजेंद्र शुक्ला की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन अंकित श्रीवास्तव को विपक्षी गुटों का समर्थन मिलने के बाद स्थितियां बदल गई हैं। चुनाव में रीवा गुट और शहरी गुट के बीच सीधा टकराव महसूस किया जा रहा है, जिसमें पूर्व अध्यक्ष वंश बहोर पटेल एक बार फिर किंग मेकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

​कर्मचारियों के ज्वलंत मुद्दे और असंतोष

​विश्वविद्यालय के गलियारों में इस बार केवल चेहरों पर नहीं, बल्कि मुद्दों पर चर्चा हो रही है। कर्मचारियों के बीच पदोन्नति के 70 पदों के समाप्त होने, समयमान वेतनमान का लाभ न मिलने और पेंशन के लंबित प्रकरणों को लेकर गहरा आक्रोश है। इन विषयों पर कर्मचारी संघ और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है। मतदाता अब एक ऐसा नेतृत्व चाहते हैं जो प्रशासन के सामने उनके हितों की बात मजबूती से रख सके। कर्मचारियों का मानना है कि पिछले दो वर्षों में उनकी कई जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया है, जिसका असर इस बार के मतदान पैटर्न पर दिख सकता है।

​मतदान की तैयारी में जुटा प्रशासन

​निर्वाचन अधिकारी ने निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान प्रक्रिया कल सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगी। इस चुनाव में कुल 404 कर्मचारी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। विभिन्न पदों के लिए कुल 36 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। निर्वाचन कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए विशेष दलों का गठन किया गया है ताकि बिना किसी बाधा के चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो सके। शाम तक स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है कि कर्मचारी संघ की कमान अगले कार्यकाल के लिए किसके हाथों में होगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak