जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत परिवार के तरंग प्रेक्षागृह में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए स्थापित की गई नई लिफ्ट का संचालन विधिवत प्रारंभ हो गया है। लंबे समय से इस प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक और कला कार्यक्रमों के दौरान ऊपरी तल तक पहुँचने में वरिष्ठजनों और दिव्यांग दर्शकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था। लिफ्ट न होने के कारण कई कला प्रेमी कार्यक्रमों में शामिल होने से वंचित रह जाते थे। समाज के इस वर्ग की विवशता और उनकी शारीरिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश विद्युत परिवार ने संवेदनशीलता के साथ यहाँ लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया था। विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा भी इस सुविधा को शुरू करने का लगातार अनुरोध किया जा रहा था।
संवेदनशीलता के साथ पूरा हुआ लिफ्ट निर्माण का कार्य
प्रेक्षागृह में लिफ्ट की उपलब्धता सुनिश्चित होने से अब कला जगत से जुड़े कार्यक्रमों में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुगम हो गई है। इस सुविधा के शुरू होने के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात संस्कृतिकर्मी और समाज सेविका गीता शरत तिवारी उपस्थित रहीं। उनके साथ जबलपुर सहित दिल्ली और भोपाल की विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना की। लिफ्ट के माध्यम से अब दिव्यांगजन बिना किसी बाधा के सीधे सभागार तक पहुँच सकेंगे। मध्यप्रदेश विद्युत परिवार के इस कदम को सामाजिक सरोकारों और कला के प्रति उनके जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों ने इसे शहर की सांस्कृतिक अधोसंरचना में एक महत्वपूर्ण सुधार बताया।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
लिफ्ट सुविधा के शुभारंभ के अवसर पर कला और साहित्य जगत के कई प्रमुख चेहरे मौजूद थे। इनमें नीता शर्मा, डॉ. अंजना तिवारी और पारसी थिएटर के लिविंग लीजेंड व संगीतकार ज़फर संजरी शामिल हुए। साथ ही भोपाल से आए वरिष्ठ रंग समीक्षक गिरिजाशंकर और दिल्ली से आए वरिष्ठ कला समीक्षक रवीन्द्र त्रिपाठी ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इनके अतिरिक्त शकील अख्तर, जबलपुर के रंगकर्मी हिमांशु राय, तपन बैनर्जी, बांके बिहारी ब्यौहार, मीना पांडे, आशीष पाठक, विवेक पांडे, प्रगति पांडे, आशुतोष द्विवेदी, इन्दु श्रीवास्तव, अक्षय सिंह ठाकुर, सुप्रिया अम्बर, संतोष राजपूत, मनीष तिवारी और मनु तिवारी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी उपस्थित कलाकारों और समीक्षकों ने वरिष्ठजनों की सुगमता के लिए किए गए इस प्रयास हेतु विभाग को साधुवाद दिया।
सीता वनवास नाटक के मंचन में नजर आया बदलाव का असर
लिफ्ट प्रारंभ होने का सकारात्मक प्रभाव इसके संचालन के पहले ही दिन देखने को मिला। प्रेक्षागृह में मंचित किए गए सीता वनवास नाटक के दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग दर्शक पहुँचे। लिफ्ट की सुविधा मिलने से इन दर्शकों को ऊपरी मंजिल तक पहुँचने में किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी नहीं हुई। उपस्थित साहित्यकारों और कलाकारों का मानना है कि इस बुनियादी सुविधा के शुरू होने से अब भविष्य में होने वाले आयोजनों में दर्शकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। इस पहल ने जबलपुर के सांस्कृतिक परिदृश्य को अधिक समावेशी बना दिया है जहाँ अब उम्र और शारीरिक अक्षमता कला के आनंद में बाधक नहीं बनेगी।
