नई दिल्ली. केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है. ताजा अपडेट के अनुसार, मार्च 2026 के तीसरे सप्ताह में कक्षा 1 और बालवाटिका (प्री केजी) के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की संभावना है. इस साल भी कक्षा 1 के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन आयोजित की जाएगी. अभिभावक आधिकारिकपोर्टल kvsonlineadmission.kvs.gov.in के माध्यम से अपने बच्चों का आवेदन कर सकेंगे.
कक्षा 1 से 11वीं तक की प्रवेश प्रक्रिया
यद्यपि मुख्य फोकस कक्षा 1 के प्रवेश पर रहता है, लेकिन केवीएस कक्षा 2 से 9वीं और कक्षा 11वीं के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया संचालित करता है.
- कक्षा 2 से 9वीं तक के प्रवेश स्कूलों में सीटों की उपलब्धता के आधार पर ऑफलाइन माध्यम से होते हैं.
- कक्षा 11वीं के लिए प्रवेश प्रक्रिया सीबीएसई कक्षा 10वीं के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू होती है, जिसमें केंद्रीय विद्यालयों के मौजूदा छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है.
आयु सीमा और पात्रता मानदंड (31 मार्च 2026 तक)
केवीएस ने पूरे देश में एक समान प्रवेश आयु सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं. आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी.
कक्षा 1: बच्चे की आयु कम से कम 6 वर्ष और 8 वर्ष से कम होनी चाहिए (1 अप्रैल को जन्मे बच्चे भी पात्र हैं).
- बालवाटिका-1: 3 से 4 वर्ष.
- बालवाटिका-2: 4 से 5 वर्ष.
- बालवाटिका-3: 5 से 6 वर्ष.
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- वैध मोबाइल नंबर और ईमेल का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन आईडी बनाएं.
- पंजीकरण के दौरान प्राप्त यूनिक लॉगिन कोड का उपयोग करके फॉर्म भरें.
- वरीयता के क्रम में अधिकतम तीन अलग-अलग केंद्रीय विद्यालयों का चयन करें.
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और फोटो की स्कैन कॉपी अपलोड करें.
- सभी विवरणों की समीक्षा करें और फॉर्म सबमिट कर प्रिंटआउट सुरक्षित रखें.
आवश्यक दस्तावेज और चयन प्रणाली
पंजीकरण के समय अभिभावकों को जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण (आधार/बिजली बिल), पासपोर्ट साइज फोटो और लागू होने पर जाति प्रमाण पत्र तैयार रखना चाहिए. सरकारी कर्मचारियों को पिछले सात वर्षों में हुए तबादलों का 'सर्विस सर्टिफिकेट' भी देना होगा.
केवीएस में कक्षा 1 के लिए कोई प्रवेश परीक्षा या साक्षात्कार नहीं होता है. चयन पूरी तरह से प्राथमिकता श्रेणी प्रणाली और ऑटोमेटेड लॉटरी पर आधारित होता है. शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित होती हैं. प्रोविजनल लिस्ट जारी होने के बाद, आवंटित स्कूल में जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा
