भोपाल. पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के कर्मचारियों व परिवार जनों को कोलार रोड स्थित डीमार्ट चौराहे पर ट्रैफिक चेकिंग के दौरान बस रोकने पर जमकर विवाद हो गया। आरोप है कि पुलिस वालों ने रेल कर्मचारियों जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को जमकर पीटा. जिससे हंगामा मच गया है। रेलवेकर्मी कठौतिया से पिकनिक मनाकर लौट रहे थे। उनकी बस की नंबर प्लेट पर एक बैनर चिपका हुआ था, इसी बात को लेकर पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका था।
इस दौरान पुलिसकर्मियों ने दो रेलकर्मियों को बीच सड़क पर थप्पड़-घूंसे मारे और कॉलर पकड़कर खींचते हुए ले गए। मामला कोलार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक बस रोकने को लेकर पहले बहस शुरू हुई। इसके बाद सड़क पर ही झूमाझटकी और मारपीट की स्थिति बन गई। इस दौरान रेलकर्मी भी ट्रैफिक आरक्षक की कॉलर पकड़ते हुए दिखाई दिए। हंगामे के कारण करीब 30 से 35 मिनट तक सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। मारपीट और झूमाझटकी के वीडियो भी सामने आए हैं।
बस रोकने का कारण पूछने के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक कोलार स्थित डी मार्ट के सामने ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगी थी। यहां ट्रैफिक आरक्षक सरजीत यादव तैनात थे। रविवार शाम करीब 6:30 बजे उन्होंने एक बस को रोका। बस रुकते ही उसमें सवार कुछ लोग नीचे उतर आए और आरक्षक से बस रोकने का कारण पूछने लगे। बस में सवार लोगों ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया। आरक्षक ने उन्हें बताया कि शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध है। साथ ही बस पर बैनर लगा होने के कारण नंबर प्लेट भी साफ दिखाई नहीं दे रही थी। इसी बात को लेकर बस में सवार कुछ रेलकर्मी नाराज हो गए और आरक्षक से बहस करने लगे।
आरक्षक से झूमाझटकी का आरोप
पुलिस के मुताबिक बहस के दौरान कुछ रेलकर्मियों ने आरक्षक सरजीत यादव के साथ झूमाझटकी की और अपशब्द कहे। इसके बाद आरक्षक ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। हंगामा बढ़ता देख पास में मौजूद ट्रैफिक के एसआई मौके पर पहुंचे। इसके बाद डायल-112 की टीम भी वहां पहुंची और दो रेलकर्मियों को पकड़कर अपने साथ ले गई। इस दौरान सड़क पर काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिससे कोलार रोड पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। वहीं घटना के वीडियोज सामने आने के बाद डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
