जबलपुर। सातवें वेतन आयोग लागू होने के साथ रेलवे के कर्मचारियों का भत्ता तो बढ़ा दिया गया था लेकिन रनिंग स्टॉफ के करीब साठ हजार से अधिक कर्मचारी ऐसे बचे थे, जिन्हें यह लाभ नहीं मिल रहा था। कर्मचारियों के इस मामले को लेकर एनएफआईआर और डब्ल्यूसीआरएमएस ने रेलवे बोर्ड, रेल मंत्रालय, वित्त विभाग में अपनी दलील रखते हुए उच्च स्तरीय बैैठक में अल्टीमेटम दिया कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। रेल प्रशासन ने एनएफआईआर की इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए इसे सहर्ष स्वीकृति प्रदान कर दी है।
डब्ल्यूसीआरएम के महासचिव अशोक शर्मा ने बताया कि एनएफआईआर और मजदूर संघ के प्रयासों से 50 प्रतिशत डीए वृद्धि के साथ ही अब रनिंग स्टाफ के केएमए भत्ते में 25ः बढ़ोतरी सुनिश्चित हो गई है। लंबे समय से उठाई जा रही इस जायज़ मांग को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। अभी पिछले दिनों वित्त मंत्रालय सचिव और रेल मंत्री दोनों से मुलाकात में इस मुद्दे पर फिर से उनका ध्यान आकृष्ट कराया था जिसपर उन्होने जल्दी आदेश जारी होने की बात कही थी। अब प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड से इसके औपचारिक आदेश आज देर शाम या कल तक जारी होने की संभावना है।
श्री शर्मा ने बताया कि पचास प्रतिशत डीए की वृद्धि एक जनवरी 24 को की गई थी। सातवे वेतन आयोग में कंडीशन थी कि जब कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत हो जाएगा, तो उन्हें अन्य भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इसमें रेलवे के कर्मचारियों के भत्ते बढ़ाए गए थे लेकिन रनिंग स्टॉफ को छोड़ दिया गया था। इससे हर माह कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हो रहा था।
कर्मचारियों की इस समस्या को देखते हुए एनएफआईआर ने रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड , वित्त विभाग में यह मुद्दा उठाया। जेसीएम बैठक में सीआरबी को साफ कह दिया धैर्य व संयम की परीक्षा न ली जाए अन्यथा रेलवे कर्मचारी हड़ताल पर जाने मजबूर हो जाएगा। लिहाजा, रेलवे ने 60000 से अधिक रनिंग स्टॉफ को माइलेज भत्ते में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी 1 जनवरी 24 से स्वीकृति की। इससे प्रत्येक रनिंग स्टॉफ को 50 हजार से 2 लाख तक पुराना एरियर्स का भुगतान होगा। प्रतिमाह दस से बीस हजार वेतन बढ़ोतरी बतौर भत्ता हो जाएगी।