एमपी ट्रांसको की समीक्षा बैठक में सुरक्षा और कार्यक्षमता पर कड़ा रुख
जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्यालय शक्ति भवन में दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय 21वीं समीक्षा बैठक का आयोजन संपन्न हुआ। इस त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने विभाग के कामकाज और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु परिचालन के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा और तकनीकी कार्यों में पारदर्शिता रहा। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ वंदे मातरम के छह छंदों के सामूहिक गायन के साथ किया गया।
सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पड़ सकता है भारी
प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि ट्रांसमिशन लाइन और सब-स्टेशनों के रखरखाव के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यों को जल्द पूरा करने के दबाव में सुरक्षा संबंधी सावधानियों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। कंपनी की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के तहत अब लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और सुपरवाइजरों पर सीधी जवाबदेही तय की जाएगी। यदि फील्ड में कार्य के दौरान कोई गंभीर चूक पाई जाती है तो विभाग न केवल प्रशासनिक कार्रवाई करेगा बल्कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सिंहस्थ और विभागीय भर्ती कार्यों की समय-सीमा तय
बैठक के दौरान आगामी सिंहस्थ मेले की तैयारियों से संबंधित बिजली अधोसंरचना के कार्यों पर विशेष चर्चा की गई। प्रबंध संचालक ने उज्जैन क्षेत्र और आसपास के ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कंपनी में हाल ही में विभिन्न श्रेणियों में नियुक्त किए गए नए कार्मिकों के प्रदर्शन और उन्हें सौंपे गए दायित्वों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे नए कर्मचारियों को उचित मार्गदर्शन प्रदान करें ताकि विभागीय लक्ष्यों को सुगमता से हासिल किया जा सके।
जेम पोर्टल और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा
प्रबंध संचालक ने विभागीय खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सरकारी जेम पोर्टल के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाने और वेंडर्स के भुगतान को समय सीमा के भीतर निपटाने से विकास कार्यों की गति बनी रहती है। साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली को शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश दिए गए ताकि फाइलों का निपटारा त्वरित गति से हो सके। सार्वजनिक स्थानों पर खुदाई से पहले संबंधित विभाग को सूचित करने वाली कॉल बिफोर यू डिग संस्कृति को अनिवार्य रूप से अपनाने की बात कही गई ताकि भूमिगत केबलों और अन्य संपत्तियों को नुकसान से बचाया जा सके।
प्रदेश स्तरीय नेटवर्क की विश्वसनीयता पर मंथन
रिव्यू मीटिंग के अंतिम चरणों में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। फील्ड अधीक्षण अभियंताओं और विभिन्न विभागाध्यक्षों ने अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट पेश की। बैठक में नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाने और तकनीकी नुकसान को कम करने के लिए नई रणनीतियां तैयार की गईं। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित मैदानी क्षेत्रों के प्रमुख अभियंता मौजूद रहे। दो दिनों तक चली इस गहन समीक्षा का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
