सीएम श्री यादव ने कहा कि यह परियोजना न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती देगी। बल्कि बुंदेलखंड में इको-टूरिज्म व रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का घनत्व और यहां के घास के मैदान चीतों के लिए बेहद अनुकूल हैं। भूमिपूजन कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, पूर्व मंत्री व रहली विधायक गोपाल भार्गव, देवरी विधायक बृजबिहारी पटेरिया, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
किसान हरदास के घर खाट पर बैठकर किया भोजन-
मुख्यमंत्री डॉ यादव किसान हरदास रैकवार के खेत पर पहुंचे, जहां किसान के परिवार ने कलश रखकर चंदन रोरी का तिलक लगाते हुए पारंपरिक तरीके से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण परिवेश में आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर भोजन किया। भोजन के पूर्व उन्होंने गौ माता को चारा भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने बुंदेली भोजन की तारीफ की। उन्होंने कढ़ी, बिर्रा की रोटी, समां के चावल की खीर, खीचला.पापड़ आदि व्यंजनों का स्वाद चखा।
बामनेर नदी में रिलीज किए 14 कछुए-
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली बामनेर नदी में 14 कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में रिलीज किया। इस दौरान उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र में कछुओं की महत्ता पर जोर देते हुए जल संरचनाओं के संरक्षण का आह्वान किया। वन विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिन 14 कछुओं को नदी में छोड़ा गया। वे दो विशिष्ट प्रजातियों के हैं, पहली टेरा प्रिंस प्रजाति के 6 कछुए और सुंदरी प्रजाति के 8 कछुए हैं।