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जबलपुर। नगर निगम में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवती कूटरचित नियुक्ति पत्र लेकर सीधे नगर निगम कमिश्नर के पास पहुंच गई। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने युवती द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवती के पास मौजूद नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी है और इसे नगर निगम के आधिकारिक कार्यालय से कभी जारी ही नहीं किया गया। कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार के सामने युवती ने खुलासा किया कि इस नौकरी के नाम पर अज्ञात जालसाजों ने उससे 20 हजार रुपए की अवैध वसूली भी की है। नियुक्ति पत्र की बनावट और उस पर अंकित विवरण विभागीय मानकों से मेल नहीं खा रहे थे। धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया। पीड़ित युवती को निगम के अधिकारियों के साथ पुलिस थाने भेजा गया ताकि दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा सके। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से शहर के अन्य युवाओं को ऐसे गिरोह के जाल में फंसने से बचाया जा सकेगा। वर्तमान में पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने और रुपए ऐंठने के पीछे किन लोगों का हाथ है। निगम प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी विभागीय नियुक्ति के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
