khabar abhi tak

1 अप्रैल से 1000 से अधिक जरूरी दवाओं के बढ़ेंगे दाम, दर्द, बुखार तक की सभी दवाओं पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली. लोगों को आगामी 1 अप्रैल 2026 से दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। सरकार ने आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) में शामिल दवाओं के दामों में करीब 0.6 प्रतिशत तक वृद्धि की अनुमति दी है। यह बढ़ोतरी 1,000 से अधिक जरूरी दवाओं पर लागू होगी।

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के अनुसार, यह फैसला थोक मूल्य सूचकांक (डबलूपीआई) के आधार पर लिया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में डबलूपीआई में 2024 की तुलना में 0.64956 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके आधार पर दाम समायोजित किए गए हैं।

गौरतलब है कि सूचीबद्ध (नियंत्रित) दवाओं की कीमतों में बदलाव की अनुमति साल में एक बार दी जाती है। आवश्यक दवाओं की इस सूची में पेरासिटामोल, एजिथ्रोमाइसिन जैसी एंटीबायोटिक्स, एनीमिया की दवाएं, विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स शामिल हैं। इसके अलावा, कोविड-19 के मध्यम और गंभीर मामलों में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं और स्टेरॉयड भी इस सूची का हिस्सा हैं।

फार्मा उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामूली बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है, जब कच्चे माल की लागत तेजी से बढ़ रही है। खासतौर पर मध्य पूर्व में जारी तनाव के चलते एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स और सॉल्वैंट्स की कीमतों में भारी उछाल आया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के हफ्तों में एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स और सॉल्वैंट्स  की कीमतों में औसतन 30-35 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। ग्लिसरीन की कीमत 64 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि पैरासिटामोल 25 प्रतिशत और सिप्रोफ्लोक्सासिन की कीमत में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं, पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे पीवीसी और एल्युमीनियम फॉयल की कीमतें भी लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं।

फार्मा उद्योग से जुड़े एक प्रतिनिधि ने बताया कि ग्लिसरीन, प्रोपलीन ग्लाइकॉल और लिक्विड दवाओं में इस्तेमाल होने वाले सॉल्वैंट्स महंगे हो गए हैं। इंटरमीडिएट्स की कीमतों में भी तेज वृद्धि हुई है। ऐसे में उद्योग जगत का मानना है कि मौजूदा बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है और वे इस संबंध में एनपीपीए के समक्ष अपनी बात रखेंगे।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak