पुलिस को जांच में पता चला कि हिमांशु सोमवानी सट्टे की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाकर मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचाता था। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड योगेश बजाज के सीधे संपर्क में था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर फर्में खोल रखी थीं और उन्हीं के बैंक खातों का इस्तेमाल सट्टे के पैसे को इधर-उधर करने में किया जाता था। पिता के नाम की फर्म हितेश ट्रेडर्स के खाते से करीब 1 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। वहीं बहन के नाम की फर्म के खाते का भी इसी काम में इस्तेमाल किया जा रहा था।
अब तक 2.12 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन मिला-
पुलिस को अब तक 2 करोड़ 12 लाख रुपए से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढऩे पर यह रकम और बढ़ सकती है।इस मामले में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को जेल भेज चुकी है। हिमांशु की गिरफ्तारी के बाद अब अन्य संदिग्ध खातों और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति चाहे वह बैंक खाता उपलब्ध करा रहा हो, कैश संभाल रहा हो या आईडी दे रहा हो, सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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