uजबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में 'एप्स्टीन फाइल्स' विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। शहर के ओमती थाने में इस मामले से जुड़ी प्रदेश की संभवतः पहली प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने के बाद की गई है। जानकारी के अनुसार, इंडियन यूथ कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक विवादित पोस्ट साझा की गई थी। इस पोस्ट में एप्स्टीन फाइल्स विवाद का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक एआई जनरेटेड 'यूनिपोल पोस्टर' लगाया गया था। इस भ्रामक और छवि धूमिल करने वाली पोस्ट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
अज्ञात हैंडलर के खिलाफ मामला दर्ज
सीएसपी रितेश शिव ने बताया कि ओमती पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इंडियन यूथ कांग्रेस के अज्ञात सोशल मीडिया हैंडलर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि एआई तकनीक का दुरुपयोग कर सार्वजनिक हस्तियों की छवि बिगाड़ना और भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है।साइबर सेल की मदद से अब उस विशिष्ट डिवाइस और व्यक्ति की पहचान की जा रही है, जिसने इस पोस्ट को डिजाइन और अपलोड किया था। राजनीतिक गलियारों में इस घटना के बाद सरगर्मी तेज हो गई है, क्योंकि एप्स्टीन फाइल्स जैसे संवेदनशील और वैश्विक विवाद में देश के शीर्ष नेतृत्व का नाम घसीटना एक गंभीर मुद्दा बन गया है। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
