जबलपुर। भारतीय रेलवे में यात्री सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए जबलपुर रेल मंडल अपनी तैयारी और मुस्तैदी को परखने के लिए एक वृहद स्तर पर मॉकड्रिल का आयोजन करने जा रहा है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य रेल दुर्घटना जैसी आपातकालीन स्थितियों में राहत और बचाव कार्य की गति व प्रभावशीलता की जांच करना है। अक्सर देखा जाता है कि रेल पटरियों पर पूरी रफ्तार से दौड़ती यात्री ट्रेनें अचानक किसी बाधा, जैसे रेलवे फाटक पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराना, पटरी से उतर जाना या मानवीय भूल के कारण एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों की आमने-सामने की भिड़ंत जैसी भयावह स्थितियों का शिकार हो जाती हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में जबलपुर रेल मण्डल की 'रिलीफ ट्रेन' अपने पूरे साजो-सामान और अत्याधुनिक मेडिकल फैसिलिटी के साथ कितनी तत्परता से दुर्घटना स्थल पर पहुँचती है, इसी का लाइव चित्रण आज देखने को मिलेगा।
युद्ध स्तर में छिड़ेगा बचाव अभियान
आज रात्रि लगभग 8 बजे जबलपुर-सिहोरा खंड के बीच स्थित गोसलपुर रेलवे स्टेशन पर इस मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान युद्ध स्तर पर बचाव कार्य का प्रदर्शन होगा, जिसमें दिखाया जाएगा कि कैसे गैस कटर और कटर मशीनों से दुर्घटनाग्रस्त बोगियों को काटकर घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जाता है। यात्रियों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार देने और एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया का हू-ब-हू लाइव प्रदर्शन होगा। रेलवे प्रशासन के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की टेस्टिंग साल में दो बार अनिवार्य रूप से की जाती है।
