जबलपुर। भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं की जांच करने वाले अधिकारियों पर हमले की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले नरसिंहपुर स्टेशन के पास बांद्रा-पटना एक्सप्रेस में ड्यूटी पर तैनात सीटीआई भगवान सिंह पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि ट्रेन के ही पेंट्रीकार मैनेजर और उसके साथियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीटीआई भगवान सिंह ट्रेन की पेंट्रीकार में औचक निरीक्षण कर रहे थे। जांच के दौरान उन्हें वहां परोसे जा रहे पानी की गुणवत्ता संदिग्ध मिली। जब उन्होंने इस अनियमितता को लेकर पेंट्रीकार मैनेजर अंशुल से कड़े सवाल किए, तो मामला बहस तक पहुंच गया। अपनी चोरी पकड़े जाने के गुस्से में मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने सीटीआई पर हमला बोल दिया।
रेल यात्रियों में मची चीख-पुकार
विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने मिलकर एक धारदार हथियार (चाकू) से भगवान सिंह पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वे लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि हमलावरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि सीटीआई की जेब में रखे 9250 रुपये भी लूट लिए। चलती ट्रेन में हुए इस खूनी संघर्ष से यात्रियों के बीच चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया। अन्य रेल कर्मचारियों और यात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए घायल सीटीआई को बचाया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी पेंट्रीकार मैनेजर के खिलाफ लूट और जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। रेलवे प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि ट्रेन में नकली सामान खपाने का यह खेल कब से चल रहा था।
