मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि हड़ताल में सरकारी के साथ प्राइवेट बैंक भी शामिल हैं। भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं है। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं। वहीं बीएसएनएल,डाक विभाग में भी हड़ताल का असर है। इसके अलावा सभी शहरों में धरना प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इनमें चारों श्रम संहिताएं रद्द करने की मांग की गई। इटारसी में एक घंटा विरोध करने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए। हड़ताल में ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा, आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी, बीएसएनएल के संगठन शामिल हैं।
संगठनों की है प्रमुख मांगे-
-चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) व उनसे जुड़े नियमों को रद्द करने की मांग।
-ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेने की मांग।
-बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग।
-न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित कानून को वापस लेने की मांग।
-मनरेगा की बहाली की मांग।
-विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 को रद्द करने की मांग।
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