EOW के अधिकारियों ने बताया कि राजकुमार निवासी जीआरसी आफिस मेस के समीप ने शिकायत की थी कि जॉय एजुकेशन सोसायटी जबलपुर के चेयरमेन को शासन की रियायती दरों पर 7500 वर्गफुट की भूमि नगर निगम जबलपुर के अंतर्गत प्लाट नं. 440 डायवर्सन शीट नं 152 सी शैक्षणिक कार्य हेतु 30 वर्षे की लीज पर आवंटित की गई थी। अखिलेश मेबन ने अधारताल क्षेत्र के तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे के साथ सांठगांठ करते हुए स्कूल की जगह अस्पताल का निर्माण कार्य शुरु करा दिया। उक्त जमीन कलेक्टर गाईड लाइन के मुताबिक वर्तमान में लगभग 3.50 करोड़ रुपये की है। जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद ईओडब्ल्यू ने अखिलेश मेबन द्वारा तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
लीज पर मिली जमीन का मालिकाना कर लिया-
उक्त निर्माण कार्य के प्रारंभ होते ही अखिलेश मेबन चेयरमेन जॉय एजुकेशन सोसायटी द्वारा आधारताल के तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे के साथ आपराधिक षडय़ंत्र रचकर नगर निगम जबलपुर को धोखे में रखकर शैक्षणिक कार्य हेतु दी गई उपरोक्त भूमि का मालिकाना हक बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के कर लिया।
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