क्षमता संवर्धन पर कार्यशाला,80 से अधिक ऑपरेटरों ने सीखीं तकनीकी बारीकियां, नियमों सख्ती से पालन करने हिदायत
जबलपुर। आधार कार्ड आज के डिजिटल युग में नागरिक सेवाओं की आधारशिला बन चुका है। इसी महत्व को देखते हुए आधार ऑपरेटरों की कार्यक्षमता बढ़ाने और तकनीकी त्रुटियों को समाप्त करने के लिए एक विशेष क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में नई दिल्ली से आए यूआईडीएआई के मास्टर ट्रेनर नवनीत तिवारी ने शिरकत की और उपस्थित 80 से अधिक ऑपरेटरों को आधार नामांकन की जटिलताओं से अवगत कराया। श्री तिवारी ने आपरेटरों को तकनीकी बारीकियों के बारे में बताया और बदलावों से भी अवगत कराया। इस मौक़े पर ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
लक्ष्य बनाओ,एक भी आवेदन रिजेक्ट न हो
कार्यशाला के मुख्य सत्र में ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी ने कड़े शब्दों में ऑपरेटरों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि आधार ऑपरेटरों को यूआईडीएआई द्वारा निर्धारित एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) और मान्य दस्तावेजों की सूची का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य है। श्री त्रिपाठी ने चिंता जताते हुए कहा, अक्सर जानकारी के अभाव या दस्तावेजों के गलत चयन के कारण आधार आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं, जिससे आम जनता को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि तकनीकी या प्रक्रियात्मक गलती से एक भी आधार निरस्त न हो।
- पारदर्शिता और नैतिक आचरण का पाठ
ऑपरेटरों को बताया गया कि जैसे-जैसे सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं में आधार की उपयोगिता बढ़ रही है, ऑपरेटरों की भूमिका और अधिक संवेदनशील हो गई है। जिला प्रबंधक श्री ने ऑपरेटरों को संबोधित करते हुए कहा कि आधार अब केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र और आम आदमी के बीच का सेतु है। उन्होंने जोर दिया, हमे पूरी प्रक्रिया को इतने पारदर्शी तरीके से करना चाहिए कि व्यवस्था पर कोई उंगली न उठा सके।" उन्होंने स्पष्ट किया कि बढ़ती जरूरतों के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ रही है, इसलिए कार्यप्रणाली में ईमानदारी और शुचिता का होना अनिवार्य है।
-खुद को लगातार अपडेट करते रहें
मास्टर ट्रेनर श्री तिवारी ने कार्यशाला के दौरान ऑपरेटरों की तकनीकी शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने बायोमेट्रिक अपडेट और डेमोग्राफिक डेटा प्रविष्टि के दौरान होने वाली सामान्य गलतियों को सुधारने के तरीके बताए। उन्होंने महत्वपूर्ण मंत्र देते हुए कहा कि यदि काम के दौरान किसी भी प्रकार की दुविधा या तकनीकी समस्या आए, तो खुद प्रयोग करने के बजाय अपने वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन अवश्य लें। इस कार्यशाला का उद्देश्य न केवल ऑपरेटरों को दक्ष बनाना था, बल्कि आधार सेवाओं को आम जन के लिए और अधिक सुलभ और विश्वसनीय बनाना भी था।

