गुना. पश्चिम मध्य रेलवे के गुना की रेलवे कॉलोनी में रहने वाले एक रेलवे कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। उसने अपने क्वार्टर के आंगन में दुपट्टे से फंदा बनाया। इससे पहले उसने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें रेलवे के एसएंडटी विभाग अधिकारियों पर प्रताडि़त करने के आरोप लगाए हैं। रेलवे कर्मचारी ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। उनका शव बुधवार 18 फरवरी की रात को फंदे पर लटका मिला। आज गुरुवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया।
मूल रूप से सागर जिले के बीना के रहने वाले किशोरीलाल कुशवाह (50) पुत्र रतनलाल कुशवाह रेलवे विभाग में एस एंड टी(सिग्नल) के पद पर पदस्थ थे। वह शहर की रेलवे कॉलोनी में बने सरकारी क्वार्टर में रहते थे। बुधवार शाम वह और उनकी पत्नी घर पर थे। पत्नी सो गईं, तो वह घर के सबसे पिछले हिस्से में बने आंगन में गए। वहां उन्होंने दुपट्टे से फंदा बनाया और सुसाइड कर लिया। जब पत्नी की नींद खुली, तो उन्होंने पीछे जाकर देखा, तो उनके पति फंदे पर लटके हुए थे। उन्होंने बाकी परिवार वालों को सूचना दी। परिवार वाले मौके पर पहुंचे और कोतवाली पुलिस को बुलाया। साथ ही उन्हें फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार सुबह जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया।
अफसरों पर परेशान करने का आरोप
मृतक किशोरीलाल के बेटे ने बताया कि पिता को रेलवे के दो अधिकारी परेशान कर रहे थे। ऑन ड्यूटी होने के बाद भी उन्हें ड्यूटी पर नहीं ले रहे थे। इसी कारण वह लंबे समय से परेशान चल रहे थे और इसी लिए उन्होंने यह कदम उठाया। इस मामले की निष्पक्षता से जांच की जानी चाहिए।
सुसाइड नोट में लिखा- अधिकारी परेशान करते हैं
किशोरीलाल कुशवाह ने एक पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें उन्होंने लिखा - मैं किशोरीलाल पुत्र रतनलाल। मैं 01/02/2026 को प्रेजेंट था। इस तारीख की एब्सेंट लगा दी। 02/02/2026 को भी नहीं लिया। शैलेन्द्र कुमार एमसीएम और अमित लखेरा, मैने इन दोनों से रिक्वेस्ट की, लेकिन इन दोनों ने मना कर दिया। मेरा दिमाग टेंशन में है। अगर कोई किसी तरह का हादसा मेरे साथ होता है तो इसके जिम्मेदार शैलेन्द्र कुमार और अमित लखेरा ये दोनों रहेंगे। इन दोनों के खिलाफ कंप्लेंट करता हूं।
