अजय गुप्ता ने संभाली पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की कमान, AI और ML से करेंगे बिजली व्यवस्था का कायाकल्प


जबलपुर। 
मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में प्रशासनिक फेरबदल के साथ ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के अनुभवी अधिकारी श्री अजय गुप्ता (2009 बैच) ने मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक का पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं, जिनमें निर्बाध बिजली आपूर्ति और वितरण प्रणाली का आधुनिकिकरण सबसे ऊपर है।

निर्बाध बिजली और तकनीकी सुदृढ़ीकरण की ओर कदम

​पदभार ग्रहण करने के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि कंपनी का प्राथमिक लक्ष्य पूर्व क्षेत्र के सभी जिलों में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर दिया कि रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकता होगी। इस योजना के माध्यम से विद्युत अधोसंरचना का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिससे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को कुशलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

AI और GIS तकनीक से बढ़ेगी कार्यक्षमता

​प्रबंध संचालक ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक के उपयोग पर विशेष रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अब प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ML (मशीन लर्निंग) आधारित सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इससे मैदानी स्तर पर हो रहे कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा की 'रियल-टाइम' निगरानी संभव होगी। इसके अतिरिक्त, GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) और एसेट मैपिंग के जरिए ग्रिड, फीडर और ट्रांसफॉर्मर की सटीक स्थिति ट्रैक की जाएगी। इस डेटा के आधार पर 'प्रिवेंटिव मेंटेनेंस' (निवारक रखरखाव) को मजबूत किया जाएगा, ताकि खराबी आने से पहले ही उसे ठीक किया जा सके। इस तकनीकी अपग्रेडेशन का सीधा लाभ वितरण हानि (Line Loss) में कमी और बेहतर वोल्टेज सप्लाई के रूप में उपभोक्ताओं को मिलेगा।

पारदर्शी कार्यप्रणाली और त्वरित शिकायत निवारण

​उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच विश्वास बहाली के लिए श्री गुप्ता ने प्रशासनिक सुधारों का संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा। इसके लिए एक सशक्त फीडबैक और शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया जाएगा, जहाँ ठेकेदारों, फील्ड स्टाफ और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कंपनी के भीतर कार्यसंस्कृति में बदलाव लाकर उसे अधिक परिणामोन्मुखी बनाया जाएगा, जिससे पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बने, बल्कि उपभोक्ता सेवा के मामले में भी नए मानक स्थापित करे।

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